बिरजू महाराज: वो बहता सागर जहां होता सुर, ताल और अभिनय का संगम

Birju Maharaj Wife, Wiki, Bio, Family, Gharana, Pandit Birju Maharaj Death Anniversary (पंडित बिरजू महाराज की पुण्यतिथि): बिरजू महाराज का बचपन किसी परीकथा जैसा सुखद नहीं था। लखनऊ के मशहूर कालका-बिन्दादीन घराने में 4 फरवरी 1938 को जब उनका जन्म हुआ, तो उनका नाम 'दुखहरण' रखा गया था। शायद परिवार को आभास था कि यह बच्चा अपने हुनर से न केवल अपने घर का, बल्कि पूरी कला बिरादरी का दुख हर लेगा। बाद में उनका नाम 'बृजमोहन नाथ मिश्रा' पड़ा, जो दुनिया के लिए 'बिरजू महाराज' बन गए।

Birju Maharaj Wife, Wiki, Bio, Family, Gharana: शाम का वक्त था, लखनऊ के एक पुराने घर के आंगन में सात-आठ साल का एक दुबला-पतला बालक अपने पैरों में बंधे भारी घुंघरुओं के साथ कुछ ऐसी जुगलबंदी कर रहा था कि वहां मौजूद उस्ताद भी दंग रह गए। उस बच्चे के पैर जमीन पर नहीं, बल्कि ताल के उस बारीक धागे पर थिरक रहे थे जिसे पकड़ना बड़े-बड़े दिग्गजों के बस की बात नहीं होती। यह बालक कोई और नहीं, बल्कि भविष्य के 'कथक सम्राट' पंडित बिरजू महाराज थे।

Birju Maharaj Death Anniversary

पंडित बिरजू महाराज: वो बहता सागर जहां होता सुर, ताल और अभिनय का संगम

बिरजू महाराज का बचपन किसी परीकथा जैसा सुखद नहीं था। लखनऊ के मशहूर कालका-बिन्दादीन घराने में 4 फरवरी 1938 को जब उनका जन्म हुआ, तो उनका नाम 'दुखहरण' रखा गया था। शायद परिवार को आभास था कि यह बच्चा अपने हुनर से न केवल अपने घर का, बल्कि पूरी कला बिरादरी का दुख हर लेगा। बाद में उनका नाम 'बृजमोहन नाथ मिश्रा' पड़ा, जो दुनिया के लिए 'बिरजू महाराज' बन गए।

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