कील मुहांसो का काल है यह पौधा, चेहरे पर लाता है चांद सा निखार, सिर से डैंड्रफ भी हो जाते हैं रफूचक्कर

अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, इंद्रायण को अंग्रेजी में बिटर एप्पल या सिट्रुलस कोलोसिंथिस भी कहा जाता है। इसमें कुकुर्बिटासिन, फ्लावोनॉइड्स, पॉलीफेनोल्स, और अन्य कई जैविक तत्व होते हैं, जो शरीर को कई तरह से मदद करते हैं। वैज्ञानिकों ने भी इस पौधे पर काफी रिसर्च की है और माना है कि यह इंसानों और जानवरों दोनों के लिए उपयोगी हो सकता है।

हमारे देश में प्रकृति हमेशा से इलाज का बड़ा जरिया रही है। जब दवाइयां नहीं थीं, तब लोग जड़ी-बूटियों से ही बीमारियां ठीक करते थे। आज भी लोग देसी नुस्खों पर भरोसा करते हैं। इन्हीं में से एक है 'इंद्रायण' का पौधा, जो देखने में भले ही आम लगे, लेकिन इसके अंदर बहुत सारे औषधीय गुण छिपे हुए हैं। इसे आयुर्वेद में लंबे समय से दवाओं की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका न सिर्फ फल, बल्कि बीज, पत्ता और जड़ भी शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है। इसका फल छोटे तरबूज जैसा लगता है, ऊपर सफेद धारियां हैं, जो पकने पर पीले रंग की हो जाती हैं। हालांकि इसका स्वाद कड़वा होता है, लेकिन इसके गुण शरीर को अंदर से साफ और मजबूत बनाते हैं।

Bitter Apple plant for Beauty

स्किन की समस्याओं का रामबाण है इंद्रायण का पौधा

अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, इंद्रायण को अंग्रेजी में बिटर एप्पल या सिट्रुलस कोलोसिंथिस भी कहा जाता है। इसमें कुकुर्बिटासिन, फ्लावोनॉइड्स, पॉलीफेनोल्स, और अन्य कई जैविक तत्व होते हैं, जो शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। वैज्ञानिकों ने भी इस पौधे पर काफी रिसर्च की है और माना है कि यह इंसानों और जानवरों दोनों के लिए उपयोगी हो सकता है।

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