Azhar Iqbal Shayari in Hindi: अज़हर इक़बाल आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। यह एक ऐसा नाम है जो उर्दू शायरी के शौकीनों के दिलों में गहराई से गूंजता है। अजहर इकबाल ऐसी शख़्सियत का नाम है जिसकी शानदार शायरी ने दुनिया भर के श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है। अजहर अगर उम्र का एक लंबा पड़ाव पार कर चुके लोगों के दिल के करीब हैं तो वहीं युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता भी देखने लायक है। अजहर ने लगभग हर इंसानी जज्बात पर शेर लिखे हैं। आइए पढ़ते हैं उनकी कलम से निकले कुछ चुनिंदा शेर:
Azhar Iqbal Shayari in Hindi (अजहर इकबाल की शायरी)
1. ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो
मिरे लिए ये रास्ता नया नहीं
2. घुटन सी होने लगी उस के पास जाते हुए
मैं ख़ुद से रूठ गया हूँ उसे मनाते हुए
3. नींद आएगी भला कैसे उसे शाम के बा'द
रोटियाँ भी न मयस्सर हों जिसे काम के बा'द
4. तुम्हारे आने की उम्मीद बर नहीं आती
मैं राख होने लगा हूँ दिए जलाते हुए
5. ये कैफ़ियत है मेरी जान अब तुझे खो कर
कि हम ने ख़ुद को भी पाया नहीं बहुत दिन से
6. एक मुद्दत से हैं सफ़र में हम
घर में रह कर भी जैसे बेघर से
7. है अब भी बिस्तर-ए-जाँ पर तिरे बदन की शिकन
मैं ख़ुद ही मिटने लगा हूँ उसे मिटाते हुए
8. न जाने ख़त्म हुई कब हमारी आज़ादी
तअल्लुक़ात की पाबंदियाँ निभाते हुए
9. हर एक शख़्स यहाँ महव-ए-ख़्वाब लगता है
किसी ने हम को जगाया नहीं बहुत दिन से
10. फिर इस के बाद मनाया न जश्न ख़ुश्बू का
लहू में डूबी थी फ़स्ल-ए-बहार क्या करते
11. हर एक सम्त यहाँ वहशतों का मस्कन है
जुनूँ के वास्ते सहरा ओ आशियाना क्या
बता दें कि अज़हर इक़बाल का जन्म उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में हुआ था। उनकी शायरी ने उन्हें दूर-दूर तक पहुंचाया, लेकिन अज़हर मेरठ में बसकर ही अपनी जड़ों से जुड़े रहे। उम्मीद करते हैं अजहर इकबाल के ये चुनिंदा शेर आपको जरूर पसंद आए होंगे।
