Warm Night: उत्तर और पूर्वी भारत के ज्यादातर इलाके भीषण गर्मी की चपेट में हैं। झुलसा देने वाली गर्मी ने तो जीना मुहाल कर रखा है और अब रात में भी सुकून नहीं मिलता है। रात में सामान्य से अधिक तापमान रहता है। पहले कम से कम दिन में गर्मी झेलने के बाद इंसान रात में सामान्य मौसम के साथ चैन की नींद सो लेता था, लेकिन अब परिस्थिति बदल चुकी है और बिजली की मांग में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।
वार्म नाइट
क्यों तप रही रात?
दिन और रात के तापमान में अब ज्यादा अंतर नहीं रहा है। इनके बीच का फासला दिन-प्रतिदिन कम होता जा रहा है और अब बेसब्री से हर किसी को मानसून का इंतजार है। दिन में चिलचिलाती धूप तो रहती ही है और अब रात में भी गर्मी बनी रहती है। देर रात तक मौसम ठंडा नहीं होता। अगर राष्ट्रीय राजधानी की बात करें तो यहां पर लगातार 36 दिनों तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है।
रातें गर्म होने की क्या है वजह?
पहले की तुलना में मौसम और भी ज्यादा गर्म हो चुका है। इसके पीछे शहरीकरण, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, वायु प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन इत्यादि कारण हैं। शहरीकरण की वजह से दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म हो रही हैं। कंक्रीट की संरचनाएं दिन में सूर्य की गर्मी झेलती हैं और रात में उन्हें ठंडा होने में ज्यादा समय लगता है। ऐसे में यह संरचनाएं तपती रहती हैं। इसके अतिरिक्त पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और वायु प्रदूषण की वजह से भी मौसम गर्म हुआ है।
वार्म नाइट (सांकेतिक तस्वीर)
2018 से ज्यादा गर्म रातें
अगर आंकड़ों में एक नजर डालें तो साल 2018 में लगातार तीन रातें गर्म रही थीं, लेकिन इस बार हद ही हो गई। अबतक लगातार पांच रातें गर्म हो चुकी हैं। जिसकी वजह से बिजली ग्रिड पर भारी दबाव है और शॉर्ट सर्किट और आग लगने की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है।
वार्म नाइट यानी गर्म रात क्या है?
मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाए और न्यूनतम तापमान से 4.5 डिग्री ज्यादा हो। पिछले कुछ समय से ऐसा ही सिलसिला लगातार देखने को मिल रहा है।
