Bird Strike: एक के बाद एक हो रहे विमान हादसों ने सैकड़ों लोगों की जान लील ली। हाल ही में अजरबैजान विमान हादसे के बाद दक्षिण कोरिया विमान दुर्घटनाग्रस्त की जांच शुरू हो गई है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि दक्षिण कोरिया विमान हादसा पक्षी के टकराने के बाद हुआ। हालांकि, जांच के बाद ही हादसे की स्पष्ट वजह सामने आएगी।
बर्ड स्ट्राइक क्या है
कैसे हुआ हादसा?
दक्षिण कोरिया के मुआन शहर में रविवार को हुए विमान हादसे में कम से कम 176 लोगों की मौत हो गई। दक्षिण कोरिया में अबतक का यह सबसे वीभत्स प्लेन हादसों में से एक है। मुआन अग्निशमन केंद्र के प्रमुख ली जियोंग-ह्योन ने बताया कि विमान पूरी तरह से नष्ट हो गया है और मलबे के बीच केवल 'टेल असेंबली' ही पहचानी जा सकती है। अधिकारियों का मानना है कि लैंडिंग गियर में खराबी, संभवतः पक्षी के टकराने के कारण हुई, जो दुर्घटना का कारण हो सकती है। तो चलिए ऐसे में समझते हैं कि बर्ड स्ट्राइक क्या है और कैसे एक पक्षी के चलते विमान खतरे में आ जाता है।
क्या होता है बर्ड स्ट्राइक?
एक विमान और पक्षी के बीच के टकराव को बर्ड स्ट्राइक कहते हैं जिसकी वजह से विमान को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसी स्थिति में जान का खतरा भी बना रहता है। पहली बार पक्षी-विमान की टक्कर 1905 में ओहियो में एक मकई के खेत में ऑरविल राइट द्वारा दर्ज की गई थी, लेकिन मौसम के बदलते पैटर्न की वजह से आए दिन अब ऐसी घटनाएं दर्ज की जाती हैं।
बर्ड स्ट्राइक क्या है
कहां होता है बर्ड स्ट्राइक का सबसे ज्यादा खतरा?
अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के मुताबिक, बर्ड स्ट्राइक की 90 फीसद घटनाएं एयरपोर्ट्स के आसपास होती हैं। आमतौर पर ऐसा तब होता है जब विमान उड़ान भर रहा हो या फिर लैंड कर रहा हो। इसके अलावा विमान जब कम ऊंचाई पर उड़ रहे होते हैं जहां अधिकांश पक्षी गतिविधि होती है, वहां पर भी बर्ड स्ट्राइक का खतरा बना रहता है।
बर्ड स्ट्राइक का प्रभाव विमान के प्रकार सहित अन्य कई कारकों पर निर्भर करता है। इसकी वजह से इंजन तक खराब हो सकता है। साल 2008 और 2017 के बीच ऑस्ट्रेलियाई परिवहन सुरक्षा बोर्ड ने 16,626 बर्ड स्ट्राइक की घटनाएं दर्ज की हैं, जबकि अमेरिका में संघीय उड्डयन प्रशासन ने अकेले 2022 में 17,200 पक्षियों के टकराने की जानकारी साझा की।
