ग्लोबल वार्मिंग को और खतरनाक बना सकती है जंगलों की मिट्टी! जानें 37 साल से चल रहे रिसर्च से क्या नया डर सामने आया

वैज्ञानिकों के 37 साल पुराने एक सीक्रेट एक्सपेरिमेंट ने दुनिया को चौंका दिया है। हार्वर्ड फॉरेस्ट में चल रही इस रिसर्च से पता चला है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण मिट्टी में छिपा दशकों पुराना 'सुरक्षित' कार्बन अब खतरनाक गैस बनकर हवा में घुल रहा है, जो तबाही को दोगुना कर सकता है।

Science News: जब भी हम ग्लोबल वार्मिंग या जलवायु परिवर्तन की बात करते हैं, तो हमारा ध्यान तुरंत आसमान की तरफ जाता है। फैक्ट्रियों से निकलता काला धुआं, गाड़ियों का प्रदूषण या कंक्रीट के जंगल, जिनसे हमारे वायुमंडल का ताप बढ़ से तपता हमारा वायुमंडल। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस जमीन पर हम पैर रखकर खड़े हैं, वहीं एक खतरा बड़ा होता दिख रहा है।मैसाचुसेट्स के 'हार्वर्ड फॉरेस्ट' (Harvard Forest) में पिछले 37 वर्षों से चल रहे दुनिया के सबसे लंबे सॉइल वार्मिंग (मिट्टी को कृत्रिम रूप से गर्म करने) के प्रयोग ने एक ऐसा चौंकाने वाला सच सामने रखा है, जिसने वैज्ञानिकों के पुराने सारे अनुमानों को पलट कर रख दिया है। इस रिसर्च ने साबित कर दिया है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण अब हमारी मिट्टी भी वातावरण में अतिरिक्त कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ रही है, जो आने वाले समय में विनाश की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकती है।

Climate Change Hidden Threat

जंगलों की मिट्टी से पता चला खौफनाक सच

क्या था यह 37 साल पुराना एक्सपेरिमेंट?

इस ऐतिहासिक रिसर्च के पीछे 'मैरीन बायोलॉजिकल लेबोरेटरी' (Marine Biological Laboratory) के प्रख्यात वैज्ञानिक जेरी मेलिलो (Jerry Melillo) और उनकी टीम का हाथ है। जेरी मेलिलो ने आज से करीब 37 साल पहले यानी 1980 के दशक के उत्तरार्ध में मैसाचुसेट्स के मध्य में स्थित हार्वर्ड फॉरेस्ट के कुछ हिस्सों को चुनकर एक अनोखा प्रयोग शुरू किया था। वैज्ञानिकों ने इन चुनिंदा जमीनी प्लॉट्स की मिट्टी को साल के 365 दिन, चौबीसों घंटे, अपने आस-पास की सामान्य जमीन के तापमान से ठीक 5 डिग्री सेल्सियस (°C) अधिक गर्म रखा।

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