रामायण, विजयनगर साम्राज्य और यूनेस्को विश्व धरोहर तक, जानें भारत के इस रहस्यमयी शहर का इतिहास

भारत के शहर केवल जगह नहीं, बल्कि समय के साथ चलती जीवंत कहानियां हैं। यहां की गलियों में लोग ही नहीं, इतिहास, परंपराएं और अनकहे किस्से भी साथ चलते हैं। कभी मंदिरों की घंटियों में आस्था गूंजती है, तो कहीं किलों की दीवारें बीते युगों की दास्तान सुनाती हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक शहर से परिचित कराने जा रहे हैं, जिसकी जड़ें सदियों पुरानी हैं और जिनका संबंध रामायण काल तक जाता है।

Hampi History: भारत का हर शहर एक जीवंत कहानी है, जिसे पढ़ने और समझने निकलो तो शायद एक पूरी उम्र भी कम पड़ जाए। यहां की गलियों में सिर्फ लोग नहीं चलते, बल्कि इतिहास, परंपराएं और अनकही दास्तानें भी साथ-साथ बहती रहती हैं। हर कस्बा, हर मोहल्ला, हर चौराहा किसी न किसी विरासत और रहस्यमयी तथ्य से जुड़ा हुआ है, जो समय के साथ और गहरा होता गया है। कहीं प्राचीन मंदिरों की घंटियों में सदियों पुरानी आस्था की गूंज सुनाई देती है, तो कहीं पुराने किलों की दीवारें युद्धों, प्रेम और बलिदान की कहानियां बयां करती हैं। छोटे-से गांव में भी ऐसी लोक कथाएं मिल जाती हैं, जो पीढ़ियों से ज़ुबान दर ज़ुबान आगे बढ़ती आई हैं। भारत की विविधता ही इसकी सबसे बड़ी पहचान है। आज हम आपको जिस शहर से रूबरू करवाने जा रहे हैं, उसका इतिहास कई सौ साल पुराना माना जाता है, या ये कह सकते हैं कि इसका सीधा संबंध रामायण काल से भी है। तो आइए जानें इसके बारे में बेहद करीब से.....

Where was Ramayana's Kishkindha

क्या यहीं थी रामायण की किष्किंधा?

ये है प्राचीन शहर का नाम

क्या है शहर का नाम?

कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित हम्पी एक छोटा सा नगर है, जो अपने गौरवशाली अतीत और अद्भुत वास्तुकला के लिए जाना जाता है। यह जगह सिर्फ ऐतिहासिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और पौराणिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। इसके इतिहास की झलक लगभग 238 ईसा पूर्व से मिलती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हम्पी का संबंध रामायण काल से जोड़ा जाता है। वहीं कुछ कथाओं में इस स्थान को भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़ा हुआ भी बताया गया है। इतिहास की दृष्टि से, विजयनगर साम्राज्य के शक्तिशाली शासकों ने हम्पी था। 14वीं शताब्दी में यह विजयनगर साम्राज्य की राजधानी बना और कला, संस्कृति व व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा। लेकिन 16वीं शताब्दी में हुए आक्रमणों के कारण यह समृद्ध नगर उजड़ गया। आज हम्पी में उस स्वर्णिम युग की भव्यता की याद दिलाने वाले विशाल मंदिरों, महलों और इमारतों के खंडहर दिखाई देते हैं, जो इसके महान इतिहास की कहानी कहते हैं।

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