आर्कटिक का बदल रहा मौसम; ग्लेशियर के पिघलने से तटीय बाढ़ का बढ़ा खतरा! नई स्टडी ने चौंकाया

Arctic Temperatures: आर्कटिक के तापमान में वृद्धि के कारण यहां होने वाले बदलाव दुनिया भर में जीवन को व्यापक रूप से प्रभावित कर सकते हैं। आर्कटिक ग्लेशियर और ग्रीनलैंड की बर्फ की चादर से पिघला हुआ पानी महासागरों में जाने से तटीय बाढ़ की समस्या का कई समुदायों पर असर पड़ रहा है।

Arctic Temperatures: यदि आप आर्कटिक क्षेत्र में रहने वाले 40 लाख लोगों में से नहीं हैं तो यह आपको दैनिक जीवन से कटा हुआ एक दूरस्थ स्थान जैसा लग सकता है। इसके बावजूद तापमान में वृद्धि के कारण आर्कटिक में होने वाले बदलाव दुनिया भर में जीवन को व्यापक रूप से प्रभावित कर सकते हैं।

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क्यों गर्म हो रही पृथ्वी?

आर्कटिक ग्लेशियर और ग्रीनलैंड की बर्फ की चादर से पिघला हुआ पानी महासागरों में जाने से तटीय बाढ़ की समस्या का कई समुदायों पर असर पड़ रहा है। आर्कटिक के जंगलों में लगी आग और पिघलते टुंड्रा से निकलने वाली ऊष्मा-अवरोधक गैसें तेजी से हवा में मिल जाती हैं, जिससे पृथ्वी गर्म हो रही है।

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