राजस्थान की राजनीति में अब ऑडियो टेप से मची खलबली, रची गई गहलोत सरकार गिराने की साजिश!

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 17, 2020, 09:08 AM IST

राजस्थान की राजनीति में ऑडियो टेप से खलबली मच गई है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के बागी विधायकों की मदद से अशोक गहलोत की सरकार को गिराने की साचिश रची जा रही है। विधायक भंवर लाल शर्मा ने ऑडियो को फर्जी कहा है।

राजस्थान की राजनीति में अब ऑडियो टेप से मची खलबली, रची गई गहलोत सरकार गिराने की साजिश!
Photo Credit: ANI

जयपुर: राजस्थान में चल रहे राजनीतिक संकट में एक नया मोड़ आ गया है। कांग्रेस के बागी विधायकों की मदद से राज्य में कांग्रेस सरकार गिराने के लिए खरीद-फरोख्त की कथित बातचीत का ऑडियो टेप गुरुवार शाम को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से शेयर किए गए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबियों ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री भंवर लाल शर्मा पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के साथ कांग्रेस सरकार को गिराने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि, विधायक भंवर लाल शर्मा ने आरोपों का खंडन किया है।

गहलोत के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) लोकेश शर्मा ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि पायलट और भंवर लाल शर्मा राज्य में गहलोत सरकार को गिराने की साजिश रच रहे थे। ऑडियो भी वायरल हो रहा है, जिसे लेकर कहा जा रहा है कि भंवर लाल शर्मा इसमें राजस्थान की सरकार को गिराने की साजिश रच रहे हैं। इस ऑडियो में पैसे की लेन-देन की भी बात की जा रही है। 

इस पर भंवर लाल का कहना है, 'वायरल हुआ ऑडियो नकली है। CM का ओएसडी लोकेश शर्मा नकली ऑडियो के माध्यम से विधायकों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि CM निराशा में हैं। इसमें न मेरी आवाज है और न मेरी किसी से बात हुई है।' 

हाई कोर्ट पहुंचे पायलट

वहीं विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अयोग्य ठहराए जाने को लेकर जारी किए गए नोटिस के मामले में सचिन पायलट के धड़े की ओर से राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। पायलट खेमे ने राजस्थान विधानसभा से असंतुष्ट विधायकों को अयोग्य ठहराने के कदम को चुनौती देने के लिए दायर अपनी याचिका में संशोधन के लिये समय मांगा है। 

पायलट के लिए खुले हैं दरवाजे!

उपमुख्यमंत्री पद और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए गए पायलट को लेकर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि सचिन पायलट को परिवार में लौटना चाहिए, अपनी दिक्कतों पर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सचिन पायलट भाजपा में शामिल नहीं होना चाहते हैं तो, उन्हें हरियाणा सरकार का आतिथ्य अस्वीकार कर देना चाहिए।

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