राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध धरना स्थल जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक महिला के खिलाफ जीरो FIR दर्ज की गई है। यह मामला 29 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था, जिसे अब आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दिल्ली के संसद मार्ग थाने में भेज दिया गया है।
जंतर-मंतर नारेबाजी मामला (प्रतीकात्मक फोटो)
मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत एक लिखित शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता स्मृति सिंह ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि बीती 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। आरोप है कि इस प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह नाम की एक महिला ने सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, अभद्र और असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए नारेबाजी की।
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पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज की FIR
शिकायत में इस बात पर जोर दिया गया है कि देश के सबसे बड़े संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां न केवल उस पद की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि इससे आम जनता के बीच वैमनस्यता और सामाजिक तनाव भी फैल सकता है। ऐसी बयानबाजी से सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था भंग होने का गंभीर खतरा पैदा होता है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने प्राथमिक शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत जीरो FIR दर्ज कर ली है।
चूंकि जंतर-मंतर का क्षेत्र संसद मार्ग पुलिस स्टेशन की सीमा में आता है, इसलिए नियमानुसार इस FIR को आगे की विस्तृत जांच के लिए संबंधित थाने को सौंप दिया गया है। अब संसद मार्ग थाने की पुलिस शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की बारीकी से जांच करेगी। पुलिस घटना के समय मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और डिजिटल सबूतों को खंगाल सकती है, जिसके आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
