Bihar Electoral Rolls: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर संसद में मानसून सत्र के 13वें दिन भी गतिरोध जारी रहा। इंडी गठबंधन के कई घटक दलों ने एसआईआर मुद्दे पर चर्चा की मांग की। इस बीच, चुनाव आयोग ने बुधवार को एक डेटा जारी कर बड़ा दावा किया। चुनाव आयोग के मुताबिक, एक अगस्त को बिहार में मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित होने के बाद से 6 अगस्त तक राजनीतिक दलों ने कोई ऐतराज नहीं जताया है।
चुनाव आयोग (फाइल फोटो)
मतदाताओं ने जताईं आपत्तियां
हालांकि, एसआईआर पर दैनिक बुलेटिन में चुनाव आयोग ने बताया कि मसौदा सूची के संबंध में मतदाताओं से सीधे 3,659 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। 18 साल या उससे अधिक उम्र के नए मतदाताओं से प्राप्त फार्मों की संख्या 19,186 है।
शिकायतों का कब होगा समाधान?
नियमों के अनुसार, दावों और आपत्तियों का निपटारा संबंधित निर्वाचक रिजस्ट्रीकरण अधिकारी/ सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ/एईआरओ) द्वारा 7 दिनों की समाप्ति के बाद किया जाना है।
