एनसीपी नेता अजित पवार चुनाव जीत चुके हैं, डिप्टी सीएम बन चुके हैं, शायद यही कारण है कि उनके तेवर अब बदले दिख रहे हैं। सोमवार को अजित पवार ने एक जनसभा के दौरान जो कुछ कहा है, उसकी जमकर आलोचना हो रही है। अजित पवार ने कहा कि लोगों ने उन्हें वोट दिया है तो इसका मतलब ये नहीं है कि वो उनके मालिक हो गए हैं।
एक जनसभा के दौरान एनसीपी नेता अजित पवार
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लोगों के ज्ञापन पर भड़के
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार एक जनसभा में उस समय अपना आपा खो बैठे जब बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें विभिन्न मांगों के साथ ज्ञापन सौंपे। गुस्साए अजित पवार ने लोगों से कहा कि वे सिर्फ इसलिए उनके ‘‘मालिक’’ नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने उन्हें वोट दिया है।
बारामती में थी जनसभा
रविवार को बारामती में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री पवार ने वहां मौजूद लोगों से पूछा कि क्या उन्होंने उन्हें अपना नौकर बना लिया है। राकांपा नेता ने कहा, ‘‘आपने मुझे वोट दिया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप मेरे मालिक हैं।’’
बीजेपी क्या बोली
इस बीच, अजित पवार के कैबिनेट सहयोगी एवं महाराष्ट्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने इस बात पर जोर दिया कि लोग सबसे महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे ही नेताओं को सत्ता में लाते हैं।
