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पापा-मम्मी, मेरे से नहीं हो पायेगा: बाबा रामदेव ने शेयर किया बच्ची का सुसाइड नोट, बोले- समूची शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Mar 4, 2023, 04:30 PM IST

Yoga Guru Baba Ramdev: मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना तब घटी जब लड़की दौसा के लालसौत इलाके में अपने घर में पढ़ रही थी। तब उसके माता-पिता घर पर नहीं थे। पढ़ाई से तंग आकर मासूम ने गले में रस्सी बांधी और फांसी लगा ली। बच्ची की वहीं तुरंत मौत हो गई।

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बाबा रामदेव ने शेयर किया मासूम बच्ची का सुसाइड नोट

Photo : Twitter

Yoga Guru Baba Ramdev: योग गुरु बाबा रामदेव ने एक मासूम बच्ची का सुसाइड नोट को शेयर करते हुए वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया है। बाबा रामदेव ने कहा है कि यह एक मासूम का सुसाइड नोट नहीं बल्कि समूची शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह है।

कहां की है घटना

मिली जानकारी के अनुसार घटना राजस्थान के दौसा की है। यहां शुक्रवार यानि कि 3 मार्च को 10वीं क्लास की एक छात्रा ने पढ़ाई के प्रेशर से तंग आकर सुसाइड कर ली। लड़की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रही थी। अत्महत्या से पहले मासूम से सुसाइड नोट भी लिखा है।

सुसाइड में क्या लिखा

लड़की ने फांसी तब लगाई जब वो घर में अपने भाई के साथ अकेले थी। बच्ची की मां बेटे की स्कूल फीस जमा करने के लिए स्कूल गई थी और घर पर भाई-बहन अकेले थे। भाई चौथी क्लास में पढ़ता है। इसी दौरान बहन ने गले में रस्सी बांधी और फांसी लगा ली। मां जब घर आई तो बच्ची को उसने मरा हुआ पाया। बच्ची ने सुसाइड नोट में लिखा- आई एम सॉरी, पापा-मम्मी..मेरे से नहीं हो पायेगा। मैं नहीं ला पाती शायद 95%। मैं परेशान हो गयी हूँ इस 10वीं क्लास से। मेरे से अब नहीं सहा जाता। आई लव यू पापा,मम्मी एंड ऋषभ। आई एम सो सॉरी। खुशबू।

भड़के बाबा रामदेव

इस सुसाइड नोट को देखकर बाबा रामदेव वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर भड़के हुए दिखे। उन्होंने ट्वीट करके कहा- "एक मासूम बेटी ने मॉडर्न शिक्षा के दबाव से आत्महत्या कर ली। शिक्षा व्यवस्था हमें स्वयं का व दूसरों का कल्याण करना सीखाती है या आत्महत्या करना? चिंतनीय विषय है.. क्या शिक्षा निराशा, हताशा, अवसाद पैदा करने वाली हो या स्वयं,समाज का कल्याण करने वाली हो?"

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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