Samrat chaudhary : सम्राट चौधरी को पटना में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल का नेता चुना गया। वह बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे।केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पटना में उनके नाम की घोषणा की। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने X पर कहा कि वह समर्पण एवं ईमानदारी के साथ काम करेंगे। चौधरी ने कहा कि वह पीएम के विचारों से प्रभावित हुए और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बिहार में विकास हुआ। भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने पर चौधरी ने सभी को धन्यवाद दिया।
दायित्व सौंपने के लिए पार्टी का आभारी हूं-सम्राट
X पर अपने पोस्ट में सम्राट चौधरी ने कहा कि 'भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मुझ पर विश्वास जताते हुए भाजपा बिहार विधानमंडल दल के नेता का दायित्व सौंपने पर हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा, उनके विश्वास और सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है। मैं पूर्ण निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ जन-जन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेता हूं।'
'बिहार को नई ऊंचाई पर ले जाऊंगा'
चौधरी ने कहा कि 'देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व एवं माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जी के मार्गदर्शन में बिहार को विकास, सुशासन और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहूंगा। आप सभी का स्नेह, आशीर्वाद और सहयोग ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है।' भाजपा विधायक दल की बैठक में विजय सिन्हा ने सम्राट के नाम का प्रस्ताव पेश किया जिसे स्वीकार कर लिया गया। इससे पहले नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया।
1990 में किया राजनीति में प्रवेश
सम्राट चौधरी राज्य के सबसे चर्चित नेताओं में से एक हैं और हालिया वर्षों में बीजेपी में तेजी से उनका उभार हुआ है। सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर, 1968 को मुंगेर के लखनपुर गांव में हुआ था। उनके पिता शकुनि चौधरी छह बार विधायक और सांसद रहे, जबकि उनकी मां पार्वती देवी तारापुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक थीं। सम्राट चौधरी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही पूरी की और बाद में मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। सम्राट चौधरी ने 1990 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। मई 1999 में राबड़ी देवी की सरकार के दौरान वे बिहार के कृषि मंत्री बने। वे 2000 और 2010 में परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 2010 में वे बिहार विधानसभा में विपक्ष के मुख्य सचेतक बने।
