Monsoon Session: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि हम राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखने के लिए सभी प्रभावी कदम उठाएंगे। उन्होंने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बीते दिनों भारत पर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ के सिलसिले में कही जिसको लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि मार्च 2025 में भारत और अमेरिका ने एक न्यायसंगत, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के लिए बातचीत शुरू की। इसका लक्ष्य अक्टूबर-नवंबर 2025 तक समझौते के पहले चरण को पूरा करना था...।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (फोटो साभार: संसद टीवी)
पीयूष गोयल ने क्या कुछ कहा?
पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच 4 दौर की वार्ता हुई और कई वर्चुअल मीटिंग भी हुई हैं। सरकार हाल की घटनाओं के प्रभावों की जांच कर रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय निर्यातकों, उद्योगों और सभी हितधारकों के साथ बातचीत कर रहा है और इस मुद्दे पर उनके आकलन के आधार पर जानकारी एकत्र कर रहा है। सरकार किसानों, मजदूरों, उद्यमियों, उद्योगपतियों, निर्यातकों, एमएसएमई और औद्योगिक क्षेत्र के हितधारकों के कल्याण की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। हम अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।
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उन्होंने कहा कि मात्र एक दशक से भी कम समय में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है। हम अपने रिफॉर्म्स, किसानों, एमएसएमई, उद्यमियों की कड़ी मेहनत के दम पर हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं और यह भी आपेक्षित है कि जल्द ही दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।उन्होंने कहा कि भारत विश्व के विकास में 16 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। पिछले 11 वर्षों के दौरान भारत के निर्यात में लगातार वृद्धि हुई है।
ट्रंप ने भारत पर फोड़ा टैरिफ बम
बीते दिनों ट्रंप ने एक अगस्त से भारत से आने वाले सभी सामानों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया। उन्होंने बुधवार को ब्रिक्स समूह व नई दिल्ली के साथ 'भारी' व्यापार घाटे का हवाला दिया और कहा कि अमेरिका इस समय भारत के साथ बातचीत कर रहा है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा, ''हम अभी बातचीत कर रहे हैं और इसमें ब्रिक्स का मसला भी शामिल है। आप जानते हैं, ब्रिक्स मूलतः अमेरिका विरोधी देशों का एक समूह है और भारत इसका सदस्य है। यह अमेरिकी मुद्रा पर हमला है और हम किसी को भी ऐसा नहीं करने देंगे।''
