Maharashtra CM Exclusive Interview: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 'टाइम्स नाउ नवभारत' के सुशांत सिन्हा के साथ खास बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी, अमित शाह से जुड़ी कई अहम बातों को शेयर किया। साथ ही 'कभी आपको मोदीजी या अमित शाह से डांट पड़ी है?' इस सवाल का भी बेबाकी से जवाब दिया।
महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 'टाइम्स नाउ नवभारत' के साथ खास बातचीत की
सुशांत सिन्हा के इस सवाल पर 'चर्चाएं सामने आती हैं कि नरेंद्र के बाद देवेंद्र, योगी आदित्यनाथ, क्या कहेंगे आप?'
फडणवीस ने कहा कि 'इन दिल्ली देयर इज नो वैकैंसी...' 2029 तक मोदी जी हैं और 2029 के बाद भी मोदी जी हैं पहले आप यह समझ लें। इसके बाद हमारे पास मेरे से अच्छे, मेरे से कॉंपिटेंट और मेरे से वरिष्ठ ऐसे कई नेता हैं और मैं इस लिस्ट में कहीं भी नहीं हूं और उस तरफ मैं देखना भी नहीं चाहता।
सुशांत सिन्हा ने पूछा कि अब जब आप सीएम हैं तो आपको क्या मोदी जी का कोई इंट्रैक्शन याद है जब आपको लगा कि ऐसा नेता मैंने नहीं देखा...?
फडणवीस ने कहा कि मोदीजी के पास जो प्रॉस्पेक्टिव और प्वाइंट ऑफ व्यू है वो अलग ही है। मतलब आप क्या सोचकर जाते हो और क्या लेकर आते हो वो हमेशा अलग ही होता है। कहते हैं ना कि जहां हमारी सोच खत्म होती है वहां उनकी सोच शुरू होती है। उन्होंने कहा कि मोदीजी ए गुड लिसनर...
सुशांत सिन्हा ने पूछा कि आपको कभी मोदीजी या अमित शाह से डांट पड़ी है?
फडणवीस ने कहा कि कहा- हां मोदीजी से एक-दो बार पड़ी है डांट..., जब गलती करेंगे तो मोदीजी डाटेंगे ही, लेकिन उनके डांटने का कारण आपको नीचा दिखाना नहीं होता बल्कि उनकी अपेक्षा है कि मेरा मुख्यमंत्री तो उसे ऐसा ही काम करना चाहिए, उस अपेक्षा के लिए वो डांटते हैं...
देखिए महाराष्ट्र CM फडणवीस का यह खास इंटरव्यू-
उद्धव ठाकरे के साथ भविष्य में गठबंधन को लेकर सवाल
जब सुशांत सिन्हा ने देवेंद्र फडणवीस से उद्धव ठाकरे के साथ भविष्य में गठबंधन को लेकर सवाल किया तो उन्होंने खुलकर इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी और मुख्यमंत्री फडणवीस ने गठबंधन की संभावनाओं को ही नकार दिया। उन्होंने कहा, ''संभव नहीं है, क्योंकि राजनीतिक गठबंधन करना आसान होता है... दो अलग दल साथ आते हैं और कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हो सकता है। हमारे मन दुखी हो चुके हैं...''
ठाकरे परिवार का क्या होगा?
इससे जुड़े सवाल पर फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति से बालासाहेब ठाकरे की विरासत कोई समाप्त नहीं कर सकता है और जरूरी नहीं है कि वह उनके बेटों के पास ही रहे। विरासत दो तरह की होती है, एक- संपत्ति और दूसरी- विचार...संपत्ति उनके बेटों के पास होगी, लेकिन विचारों की विरासत शिंदे साहब के पास होगी। उन्होंने कहा कि मैं जितना उद्धव जी को करीब से जानता हूं, वह कभी अपने करीबी आदमी के पास बैठकर अपनी गलती पूछ लें, यह नहीं होगा। वह उनका स्वभाव नहीं है। मैं ऐसा नहीं कहूंगा कि वह महाराष्ट्र के राहुल गांधी हैं, लेकिन उनके पास बैठ-बैठकर उनके गुण ले रहे हैं।
