पीएम मोदी की मां को गाली देना कहीं विपक्ष को बिहार चुनाव में भारी न पड़ जाए ?

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोट अधिकार यात्रा बिहार में सम्पन्न हो चुकी है, इस यात्रा से विपक्ष ने एक चुनावी माहौल अपने पक्ष में बनाने का वातावरण तो पूरा तैयार कर लिया था | बिहार की जनता SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी और तेजस्वी से जुड़ी भी लेकिन इस यात्रा के समापन से ठीक पहले एक टर्निंग पॉइंट भी आया जहां कुछ विपक्ष के कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी की मां को लेकर अभद्र टिप्पणी की | अब चर्चा का रुख बदल चुका है बिहार की आम जनता भी इस तरह के व्यवहार को पसंद नहीं करती है , बीजेपी इस पूरे घटनाक्रम को अपने पक्ष में मोड़ने की कवायद पर काम कर रही है

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोट अधिकार यात्रा बिहार में सम्पन्न हो चुकी है, इस यात्रा से विपक्ष ने एक चुनावी माहौल अपने पक्ष में बनाने का वातावरण तो पूरा तैयार कर लिया था | बिहार की जनता SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी और तेजस्वी से जुड़ी भी लेकिन इस यात्रा के समापन से ठीक पहले एक टर्निंग पॉइंट भी आया जहां कुछ विपक्ष के कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी की मां को लेकर अभद्र टिप्पणी की | अब चर्चा का रुख बदल चुका है बिहार की आम जनता भी इस तरह के व्यवहार को पसंद नहीं करती है , बीजेपी इस पूरे घटनाक्रम को अपने पक्ष में मोड़ने की कवायद पर काम कर रही है पिछले कुछ सालों के ट्रैक रिकॉर्ड को उठकर देखे तो पता चलता है की जब जब पीएम मोदी को पर्सनल टारगेट किया गया, हर बार फायदा भारतीय जनता पार्टी को ही हुआ है, गुजरात विधान सभा चुनाव के दौरान सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी को मौत का सौदागर कहा था उस एक बयान ने पूरी कांग्रेस पार्टी को चुनाव के दौरान कितना नुकसान पहुंचाया ये बताने की जरूरत नहीं है 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने पीएम मोदी को चौकीदार चोर है कहके संबोधित किया था, पूरा प्रचार कांग्रेस पार्टी का इस नारे के इर्दगिर्द घूमता रहा रहा लेकिन देश की जनता ने इसे सिरे से नकार दिया और बीजेपी को पुर्ण बहुमत हासिल हुआ अब वोट चोर गद्दी छोड़ तक बातें पर्सनल नहीं थी लेकिन इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी की दिवंगत मां को राजनीति में घसीटना बिहार की आम जनता को भी रास नहीं आया आज पीएम मोदी ने खुद एक कार्यक्रम के दौरान कहा की मेरी मां का क्या कसूर था की उसे गाली दी गई, उसके बाद पूरी बीजेपी की महिला नेत्रियों ने इस संबंध अपने अपनी राय रखकर इसकी आलोचना की अब सवाल यही है की क्या विपक्ष के इस रवैया से कहीं विपक्ष ने सेल्फ गोल तो नहीं कर लिया है? राजनीति में भारत की जनता हर तरह के आरोप प्रत्यारोप को सहन करती है लेकिन किसी भी दल के नेता के मां को गाली देना स्वीकार्य नहीं है.. विपक्ष को इस पर विचार करना चाहिए|

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