अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर विवाद हर बीतते दिन के साथ बढ़ता जा रहा है। इस बीच, पीएम मोदी को भी इस विवाद में घसीट लिया गया है। तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर मंदिरों के जरिए धन जुटाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सामने आए कथित वित्तीय अनियमितताओं ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष मणिकम टैगोर
रविवार को चेन्नई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में टैगोर ने दावा किया कि अयोध्या राम मंदिर से जुड़े दान में करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले की बात सामने आई है। उन्होंने कहा, "मुझे समझ नहीं आता कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक चुप क्यों हैं।"
भाजपा और आरएसएस फंड जुटाने के लिए कर रहे मंदिरों का इस्तेमाल
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस मंदिरों का इस्तेमाल फंड जुटाने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा मंदिरों का प्रबंधन श्रद्धालुओं को सौंपने की बात इसलिए करती है ताकि वहां आने वाले धन तक पहुंच बनाई जा सके। उन्होंने दावा किया कि पार्टी विभिन्न राज्यों में इसी तरह की रणनीति अपना रही है।
हालांकि, भाजपा या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कांग्रेस के इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मामले की जांच तेज
वहीं, दूसरी ओर अयोध्या में कथित दान गबन मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अयोध्या पुलिस को इस मामले में जेल में बंद पांच आरोपियों से पूछताछ करने की अदालत से अनुमति मिल गई है।
इन आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रामशंकर यादव, करुणेश पांडेय और मनीष यादव शामिल हैं। पुलिस जेल परिसर में ही इन सभी के बयान दर्ज करेगी। पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे उनकी पुलिस हिरासत भी मांगी जा सकती है।
अयोध्या संत मंडल चंपत राय के समर्थन में
इस बीच, अयोध्या संत मंडल ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर बयान दिया है। संतों ने ट्रस्ट से अपील की है कि विवाद के बीच उनका इस्तीफा स्वीकार न किया जाए। उनका कहना है कि चंपत राय वर्षों से ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं तथा उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। संतों ने मामले की एसआईटी जांच कराने के उनके फैसले की भी सराहना की।
SIT का बढ़ा समय और कल होगी ट्रस्ट की बड़ी और अहम बैठक
उधर, उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की गहन जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) का कार्यकाल 15 दिन और बढ़ा दिया है ताकि जांच के दायरे को विस्तृत किया जा सके। इस बीच, जांच के बीच 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है।
