सबूत है तो UGC NET paper leak 2024 केस में CBI ने क्यों बंद की जांच? कोर्ट ने मांगा जवाब

दिल्ली की एक अदालत ने यूजीसी नेट परीक्षा कथित पेपर लीक (UGC NET paper leak) मामले में सीबीआई (CBI) ने कड़े सवाल पूछे हैं। सीबीआई इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दखिल कर चुकी है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 2024 यूजीसी नेट परीक्षा कथित पेपर लीक (UGC NET paper leak) मामले में जांच बंद करने को लेकर सीबीआई (CBI) को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने सीबीआई से पूछा है कि जब उसकी अपनी जांच रिपोर्ट में यह दर्ज है कि एक आरोपी अभ्यर्थियों से लीक प्रश्नपत्र दिलाने के नाम पर पैसे वसूल रहा था, तब एजेंसी ने क्लोजर रिपोर्ट आखिर किस आधार पर दाखिल की। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश में नीट यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर पहले से राजनीतिक और कानूनी विवाद जारी है। इसी बीच यूजीसी नेट मामले में अदालत की टिप्पणी ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

UGC NET paper leak 2024

यूजीसी नेट 2024 पेपर लीक के मामले में सीबीआई को लगी कोर्ट से फटकार

कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नीतू नागर ने 15 मई के आदेश में कहा कि जांच अधिकारी की रिपोर्ट के पैरा 16.30 में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि “निखिल सोनी ने यूजीसी नेट 2024 के अभ्यर्थियों से परीक्षा का पेपर लीक कराने या उपलब्ध कराने का झांसा देकर पैसे वसूले।” अदालत ने कहा कि सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट से यह साफ है कि अपराध हुआ है, इसके बावजूद जांच अधिकारी ने इस पहलू की अनदेखी करते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान सीबीआई के जांच अधिकारी (IO) ने अदालत से लिखित स्पष्टीकरण दाखिल करने के लिए समय मांगा। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 मई के लिए तय कर दी।

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