Colonel Manpreet Singh: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग इलाके में मंगलवार शाम को आतंकवादियों के साथ शुरू हुई मुठभेड़ में शहीद हुए जवानों में से एक मोहाली के कर्नल मनप्रीत सिंह भी थे। कर्नल मनप्रीत सिंह उस बटालियन का नेतृत्व कर रहे थे जिसने बुधवार को ऑपरेशन फिर से शुरू किया था। गोलीबारी में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। मेजर आशीष धोनैक और उपाधीक्षक हुमायूं भट भी शहीद हो गए।
कर्नल मनप्रीत सिंह
12वीं सिख एलआई से जुड़े थे
कर्नल मनप्रीत सिंह 12वीं सिख एलआई से थे और उन्हें सेना मेडल मिला था। वहीं, मेजर धोनैक 15वें सिख एलआई में थे। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, मनप्रीत सिंह के बहनोई वीरेंद्र गिल ने कहा कि उन्होंने सुबह 6.45 बजे मनप्रीत से बात की थी। गिल ने कहा, 'उन्होंने कहा कि वह बाद में बात करेंगे।' मनप्रीत के परिवार में उनकी पत्नी, मां और दो बच्चे - एक छह साल का बेटा और एक दो साल की बेटी है।
जब उनके बहनोई ने आखिरी बार कर्नल मनप्रीत से बात की, तो उन्होंने कहा कि वह व्यस्त हैं क्योंकि ऑपरेशन चल रहा है। दोपहर में परिवार को पता चला कि वह ऑपरेशन में घायल हो गए हैं। उनकी मौत की खबर मिलने के बाद भी परिवार ने उनकी पत्नी को ये खबर नहीं दी।
17 साल की सेवा पूरी कर चुके थे
मनप्रीत दूसरी पीढ़ी के ग्रेवाल सेना अधिकारी थे और पहले ही 17 साल की सेवा पूरी कर चुके थे। 2021 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों को मार गिराने के लिए कर्नल मनप्रीत सिंह को वीरता के लिए सेना पदक से सम्मानित किया गया था। अपनी सेवा में कर्नल सिंह ने लगभग पांच साल राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन के साथ बिताए थे। पहले तीन साल सेकेंड-इन-कमांड के रूप में और फिर कमांडिंग ऑफिसर के रूप में। उनकी पत्नी जगमीत ग्रेवाल हरियाणा शिक्षा विभाग में लेक्चरर हैं। वह चार महीने में राष्ट्रीय राइफल्स के साथ अपना कार्यकाल पूरा करने वाले थे।
यह हमला जम्मू क्षेत्र के राजौरी में पीर पंजाल के दक्षिण में गोलीबारी में सेना के एक जवान और सेना की डॉग स्कवॉड की छह वर्षीय मादा लैब्राडोर केंट की मौत के एक दिन बाद हुआ है और तीन सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे। सुदूर नरला गांव में मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए हैं।
