दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रोटेस्ट के दौरान पैलेट गन (Pellet Gun) तो चली है, ये पुष्टि तो पहले ही हो गई थी, अब उस जवान की भी पहचान कर ली गई है, जिसने पैलेट गन चलाया था। पैलेट गन के गैर-कानूनी इस्तेमाल के मामलों की जांच कर रहा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का जांच आयोग अगले एक हफ्ते के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है।
जंतर-मंतर पर छात्रों पर चला था पैलेट गन (फोटो- Congress-PTI)
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जवानों की पहचान पूरी
जांच में शामिल अधिकारियों के अनुसार, पेलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक वेपन (इलेक्ट्रिक शॉक वाले हथियारों) का इस्तेमाल करने वाले रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों की पहचान पूरी कर ली गई है।
जवानों के इसके इस्तेमाल के वीडियो सामने आए थे, जिसके बाद सुरक्षा बलों की जमकर आलोचन हो रही थी।
जांच का दायरा कहां तक?
जांच आयोग मुख्य रूप से उन परिस्थितियों की गहन जांच कर रहा है, जिनके तहत जवानों को पेलेट गन का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ा या इसका प्रयोग किया गया। आयोग उन सभी जगहों और घटनाओं का एक विस्तृत दस्तावेज तैयार कर रहा है, जहां-जहां इन हथियारों का इस्तेमाल हुआ था। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में शामिल जवानों और परिस्थितियों को लेकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
राहुल गांधी हमलावर
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए ’’बर्बर हमले’’ की जवाबदेही तय करने की मांग की है। गांधी ने शाह से सवाल किया कि क्या उन्होंने छात्रों के खिलाफ ’पैलेट गन’ समेत ’’घातक हथियारों’’ के इस्तेमाल की अनुमति दी थी। उन्होंने शनिवार को गृह मंत्री शाह को लिखे पत्र में कहा कि किसी भी लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा करना एवं संवाद के माध्यम से उनकी शिकायतों का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
