कौन हैं प्रोफेसर रामवचन राय, जो बने बिहार विधान परिषद के नए सभापति, अवधेश नारायण सिंह का लिया स्थान

अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद प्रो. रामवचन राय बिहार विधान परिषद के नए सभापति चुने गए हैं। रामवचन राय पटना विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में प्रोफेसर के साथ-साथ विभागाध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने काम किया।

प्रो. रामवचन राय बिहार विधान परिषद के नए सभापति चुने गए हैं। उनका चुनाव बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद हुआ है। इससे पहले, अवधेश नारायण सिंह ने परिषद के सचिव को अपना रिजाइन लेटर दिया था। उनके इस्तीफे के बाद से ही प्रो. रामवचन राय का नाम इस पद के लिए चलने लगा था।

प्रोफेसर रामवचन राय

प्रोफेसर रामवचन राय।

शिक्षा और साहित्य से रहा गहरा रिश्ता

रामवचन राय का जन्म 11 अक्टूबर 1943 को हुआ था। उन्होंने डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की और लंबे समय तक अकादमिक क्षेत्र में सक्रिय रहे। पटना विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में प्रोफेसर के साथ-साथ विभागाध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने काम किया।

शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय रहने के दौरान उनका जुड़ाव बिहार के सामाजिक-राजनीतिक घटनाक्रम से भी बना रहा। जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए बिहार आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी बताई जाती है। उनके आधिकारिक परिचय के अनुसार, उन्होंने मॉरीशस, सूरीनाम, चीन, अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों की यात्राएं कीं। ये यात्राएं शैक्षणिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी रही हैं।

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