Who Was Mukhtar Ansari: बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी का गढ़ पूर्वांचल माना जाता था बीजेपी नेता कृष्णानंद राय की हत्या से लेकर माफिया पर दंगे भड़काने जैसे केस हैं, मुख्तार अंसारी उत्तर प्रदेश का राजनेता और अपराधी था अंसारी मऊ निर्वाचन क्षेत्र से विधान सभा के सदस्य के रूप में रिकॉर्ड पांच बार विधायक चुने गया था। वह अन्य अपराधों सहित कृष्णानंद राय हत्या (Krishnanand Rai Murder) के मामले में मुख्य आरोपी था अंसारी ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के एक उम्मीदवार के रूप में अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता, और अगले दो जिसमें एक स्वतंत्र के रूप में 2007 में अंसारी बसपा में शामिल हो गया और 2009 के लोकसभा चुनाव में चुनाव लड़ा लेकिन असफलता मिली।
मुख्तार अंसारी की बांदा के अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से को मौत हो गई (फाइल फोटो)
जिसके बाद बसपा ने 2010 में उन्हें आपराधिक गतिविधियों के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया था बाद में उसने अपने भाइयों के साथ अपनी पार्टी कौमी एकता दल का गठन किया।
वह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2012 में मऊ सीट से विधायक चुना गया, 2017 में बसपा के साथ कौमी एकता दल को विलय कर दिया, और बसपा उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव में पांचवीं वार विधायक के रूप में जीता था।
मुख्तार का जन्म गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में हुआ था
मुख्तार अंसारी का जन्म गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद में 3 जून 1963 को हुआ था उसके पिता का नाम सुबहानउल्लाह अंसारी और मां का नाम बेगम राबिया था वहीं मुख्तार अंसारी तीन भाईयों में सबसे छोटा है उसकी पत्नी का नाम अफशां अंसारी है, मुख्तार के दो बेटे अब्बास अंसारी व उमर अंसारी है।
मुख्तार ने एक बाहुबली मखनू सिंह से हाथ मिला लिया था
बताते हैं कि 90 के दशक में गाजीपुर के कॉलेज में पढ़ाई कर रहे मुख्तार ने एक बाहुबली मखनू सिंह से हाथ मिला लिया था, मखनू सिंह पूर्वांचल के नेता हरिशंकर तिवारी का खास हुआ करता था और यहीं से शुरु हुआ मुख्तार अंसारी के पूर्वांचल के बहुबली और यूपी के माफिया डॉन बनने का सिलसिला जो आगे बढ़ते ही गया।
हार का बदला उसने कृष्णानंद राय की हत्या कर लिया
कृष्णानंद राय मोहम्मदाबाद सीट से मुख्तार के सामने थे लेकिन कृष्णानंद राय ने इस सीट पर जीत दर्ज कर मुख्तार के किले को ध्वस्त कर दिया था। बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय ने मोहम्मदाबाद सीट जीत कर मुख्तार को खुली चुनौती दी थी बताते हैं कि मुख्तार ये हार सहन नहीं कर पाया और हार का बदला उसने हत्या से लिया।
मुख्तार के नाना ब्रिगेडियर उस्मान महावीर चक्र विजेता
मुख्तार अंसारी के दादा डॉ मुख्तार अहमद अंसारी महात्मा गांधी के करीबी हुआ करते थे यही नहीं अपने जमाने के मशहूर सर्जन मुख्तार अहमद अंसारी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने। मुख्तार के नाना ब्रिगेडियर उस्मान महावीर चक्र विजेता रहे हैं, ब्रिगेडियर उस्मान 1947 की नौशेरा की जंग में शहीद हुए थे।
