जब ममता के कालीघाट घर पहुंचे वाजपेयी, मां गायत्री देवी के छुए थे पैर, शंखनाद से गूंज उठी थी संकरी गली

यह 6 जुलाई 2000 की शाम थी। कोलकाता में सूरज ढल रहा था, लेकिन कालीघाट की संकरी हरिश चटर्जी स्ट्रीट पर स्थित एक अर्ध-पक्के घर में चहलकदमी बढ़ गई थी। मालपुआ बन रहा था, मोहल्ले की महिलाएं शंख लेकर तैयार खड़ी थीं। उस समय की रेल मंत्री ममता बनर्जी की 70 वर्षीय मां गायत्री देवी एक खास मेहमान का बेसब्री से इंतजार कर रही थीं।

BJP-TMC Relation : कहा जाता है कि राजनीति में समय, लोग और रिश्ते कभी स्थिर नहीं रहते। ये बदलते रहते हैं। भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच इसी तरह का रिश्ता रहा है। कभी केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार में शामिल रहने और 2006 में उसके साथ मिलकर बंगाल विधानसभा का चुनाव लड़ने वाली टीएमसी का आज भगवा पार्टी से 36 का आंकड़ा है। बंगाल में दोनों पार्टियां आमने-सामने हैं। भाजपा उससे सत्ता छीन सकती है। दोनों पार्टियों के रिश्ते की अगर बात करें तो यह खट्टे-मीठे अनुभव वाला रहा है।

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एनडीए सरकार में रेल मंत्री थीं ममता बनर्जी।

वाजपेयी की एनडीए सरकार में रेल मंत्री थीं ममता

साल 1998 से 2006 तक प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जो सरकार थी, टीएमसी उसका हिस्सा रही। एनडीए की इस सरकार में ममता रेल मंत्री थीं। हालांकि, तहलका प्रकरण को लेकर ममता की पार्टी 2001 में अलग भी हुई। यही नहीं, 2006 का विधानसभा चुनाव भी टीएमसी ने भाजपा के साथ गठबंधन में लड़ा था।

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