क्या मिडटर्म का चुनाव खत्म होते ही अमेरिका, ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में है? ये सवाल इसलिए उठ रहा है कियोंकि कम से कम दस अमेरिकी सैन्य विमान इजराइल पहुंचे हैं। इजराइल में चुनाव खत्म हो चुका है और अमेरका में 3 नवंबर को वोटिंग और रिजल्ट है। ऐसे में अचानक से विमानों की मिडिल ईस्ट में तैनाती, ईरान पर हमलों की नई खेप की ओर इशारा कर रहा है।
इस्राइल और तीन अरब देशों में अमेरिकी विमानों की तैनाती की गई है (फाइल फोटो- US Air Force/Facebook)
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कहां-कहां पहुंचे अमेरिकी सैन्य विमान?
अमेरिकी सैन्य हमलों की अटकलों के बीच, कम से कम 10 अमेरिकी सैन्य परिवहन विमान इजराइल के प्रमुख एयरबेस पर उतरे हैं। इसके साथ ही, तीन अन्य अरब देशों में भी अमेरिकी सैन्य विमानों की तैनाती की गई है, जिससे मध्य पूर्व में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी और हलचल काफी बढ़ गई है। इजराइली सार्वजनिक प्रसारक ‘कान’ (KAN) और अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ये परिवहन विमान इजराइल के दक्षिणी हिस्से में स्थित ओवदा (Ovda) और नेवाटिम (Nevatim) एयरबेस पर पहुंचे। इसके अलावा जॉर्डन, सऊदी अरब और कतर के सैन्य ठिकानों पर भी अमेरिकी विमानों को तैनात किया गया है। रिपोर्ट बताती है कि इनमें से कुछ विमान टेक्सास स्थित फोर्ट ब्लिस (Fort Bliss) से रवाना हुए थे, जो अमेरिकी सेना की एयर और मिसाइल डिफेंस यूनिट का एक बड़ा केंद्र है।
हालांकि वाशिंगटन की ओर से आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की गई है कि इन विमानों में कौन से हथियार या सैन्य उपकरण लदे थे, या ईरान के खिलाफ नए हमलों का कोई अंतिम निर्णय लिया गया है या नहीं? इस्राइली अधिकारियों का कहना है कि इजराइल और अमेरिका इस मामले पर बेहद करीब से तालमेल बिठा रहे हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के किसी भी फैसले के लिए तैयार हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप को दिए गए सैन्य विकल्प
यह सैन्य तैनाती ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी सैन्य अधिकारी ईरान के खिलाफ नए सिरे से सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों पर ब्रीफिंग दी। इस उच्च-स्तरीय बैठक में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन भी शामिल थे।
इन घटनाक्रमों से यह अटकलें तेज हो गई हैं कि अमेरिका 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर नए सिरे से सैन्य अभियान शुरू करने पर विचार कर सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, इन योजनाओं में ईरानी सैन्य ठिकानों, ऊर्जा बुनियादी ढांचे और अन्य रणनीतिक स्थलों को निशाना बनाकर कई दिनों तक एयरस्ट्राइक करने की योजना शामिल हो सकती है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और वायु रक्षा को मजबूती
ऐहतियाती कदमों के तहत, अमेरिका क्षेत्र में अपनी वायु रक्षा प्रणालियों (Air Defenses) को भी मजबूत कर रहा है। खबरों के मुताबिक, संभावित ईरानी मिसाइल हमलों से सुरक्षा के लिए टेक्सास से एक पैट्रिअट मिसाइल डिफेंस सिस्टम को मध्य पूर्व में ट्रांसफर किया जा रहा है। इसके साथ ही, अमेरिकी बलों ने उन ठिकानों से अपने कर्मियों को हटाना शुरू कर दिया है जो संभावित जवाबी कार्रवाई की दृष्टि से संवेदनशील माने जा रहे हैं।
इसके अलावा, नवंबर के महीने में एक अतिरिक्त एयरक्राफ्ट कैरियर और मरीन कॉर्प्स यूनिट के भी मध्य पूर्व पहुंचने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की ताकत और बढ़ जाएगी।
