जब खुली जीप में हथियार के साथ सड़कों पर निकला था मुख्तार, लोग आज भी याद करते हैं वह मंजर

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Mar 29, 2024, 08:50 AM IST

Mukhtar Ansari Death: गाजीपुर, मऊ और आसपास के इलाकों में मुख्तार अंसारी की दहशत इतनी थी कि कोई डर के मारे इनके खिलाफ मुंह नहीं खोलता था और जो खोलता भी था उन्हें डरा-धमकाकर चुप करा दिया जाता था। राजनीतिक प्रश्रय की वजह से मुख्तार में कानून का खौफ समाप्त हो गया था।

Mukhtar Ansari Death: माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की मौत हो गई है लेकिन उसके दहशत और अपराध के किस्से आज भी लोगों की जुबान पर हैं। मुख्तार और अतीक जैसे माफियाओं के चलते ही पूर्वांचल की राजनीति का अपराधीकरण हुआ। राजनीति में इन माफियाओं के कदम रखने से कई दशकों तक पूर्वांचल की पूरी राजनीति ही बदल गई। राजनीति में इन माफियाओं का दखल धीरे-धीरे इतना बढ़ता गया कि प्रशासन और पुलिस को इनके और इनके गुर्गों के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस नहीं होता था। मुख्तार की मौत के बाद सियासत और अपराध के गठजोड़ के एक अध्याय का अब अंत हो गया है।

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बांदा जेल में मुख्तार अंसारी को पड़ा दिल का दौरा।

डर के मारे अंसारी के खिलाफ कोई मुंह नहीं खोलता था

गाजीपुर, मऊ और आसपास के इलाकों में मुख्तार अंसारी की दहशत इतनी थी कि कोई डर के मारे इनके खिलाफ मुंह नहीं खोलता था और जो खोलता भी था उन्हें डरा-धमकाकर चुप करा दिया जाता था। राजनीतिक प्रश्रय की वजह से मुख्तार में कानून का खौफ समाप्त हो गया था। उसके हौसले बुलंद हो गए थे। 2005 में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या की हत्या की साजिश में वह शामिल था। एक मौजूदा विधायक की हत्या कराने से भी नहीं वह हिचका। भाजपा विधायक की जिस जगह हत्या हुई वहां से करीब 500 कारतूस मिले। भाजपा विधायक के काफिले पर एलएमजी से फायरिंग हुई थी और उनके साथ छह लोग मारे गए।

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