जानें- क्या है थिएटराइजेशन और सैन्य सेवाओं के लिए क्यों है जरूरी

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Mar 16, 2023, 06:59 AM IST

What is Theaterisation: भारतीय फौज के लिए थिएटर कमांड बनाए जाने की प्रक्रिया दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत के दौरान शुरू हो गई थी। अब सरकार ने लोकसभा में इस संबंध में बिल भी पेश कर दिया है। यहां हम बताएंगे कि थिएटराइजेशन की जरूरत क्यों है।

What is Theaterisation: सरकार ने बुधवार को लोकसभा में तीनों सेनाओं के थियेटराइजेशन के संबंध में मसौदा(theaterisation bill in loksabha) पेश किया। इसके तहत थल, जल और वायु सेना के अधिकारियों या कर्मचारियों अगर कोई गलती करते हैं तो सीधे तौर पर कार्रवाई की जा सकती है। अब तक की व्यवस्था यह है कि अगर गलती करने वाला कर्मचारी फौज के जिस विंग से जुड़ा वहां पर ही केस चलता है। सरकार की इस कवायद के पीछे बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि इससे अनुशासन कायम रहेगा, सरकारी खर्च कम होगा इसके अलावा थिएटराइजेशन की जरूरत फ्यूचर वॉर (theaterisation for future war)के लिए अहम है।

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सैन्य सेवाओं के लिए थिएटराइजेशन की व्यवस्था

इसलिए थिएटराइजेशन की जरूरत

अंतर-सेवा संगठन (कमांड, नियंत्रण और अनुशासन) विधेयक, 2023, कमांडर-इन-चीफ, ऑफिसर-इन-कमांड या किसी त्रि-सेवा संगठन का नेतृत्व करने वाले किसी भी अन्य अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक और प्रशासनिक कार्रवाई करने के लिए शक्तियां प्रदान करता है। उनके अधीन कार्मिक जो वर्तमान में तीनों सेवाओं के संबंधित कानूनों, सेना अधिनियम, 1950, वायु सेना अधिनियम, 1950 और नौसेना अधिनियम, 1957 द्वारा शासित हैं।सशस्त्र बलों के मौजूदा कानूनी ढांचे की अपनी सीमाएं हैं। क्योंकि एक विशेष सेवा के अधिकारियों के पास किसी अन्य सेवा से संबंधित कर्मियों पर अनुशासनात्मक और प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग करने का अधिकार नहीं होता है। संयुक्त कमान का नेतृत्व करने वाला एक तीन सितारा जनरल वायु सेना या उसके अधीन कार्यरत नौसेना कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकता है।

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