'जब चीन हमारे सामने आगे बढ़ रहा था,तब 56 इंच के सीने का क्या हुआ?'सदन में हंगामे के बाद केंद्र पर बरसे राहुल गांधी

संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि वह केवल दो-तीन पंक्तियां पढ़ना चाहते थे,जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक अहम प्रसंग को सामने लाती हैं। उनके अनुसार,यह पूर्व सेना प्रमुख के अनुभव और राजनीतिक नेतृत्व के साथ हुई बातचीत पर आधारित है। उन्होंने सवाल किया कि अगर यह सेना प्रमुख का दृष्टिकोण है,तो सरकार इससे डर क्यों रही है।

लोकसभा में हंगामे के बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर हमला बोला है। उन्होंने लोकसभा में दिए गए अपने वक्तव्य के बारे में कहा कि मैं खुद यह नहीं कह रहा यह सेना प्रमुख के हवाले से एक लेख में छपा है। वे मुझे बोलने नहीं दे रहे क्योंकि वे डरे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने चीन का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार से भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह को सिर्फ एक लाइन का डर है। अगर यह सच्चाई जनता के सामने उजागर हो जाएगी और यह भी पता चलेगा कि जब चीन हमारे सामने खड़ा होकर आगे बढ़ रहा था,तब 56 इंच के सीने का क्या हुआ?

राहुल गांधी

राहुल गांधी

क्या बोले राहुल गांधी

सदन स्थगित होने के बाद संसद के बाहर राहुल गांधी ने कहा कि यह मैं नहीं कह रहा,यह पूर्व सेना प्रमुख ने अपनी किताब में लिखा है। किताब को प्रकाशित नहीं होने दिया जा रहा है। वह ठंडे बस्ते में पड़ी है,और यह सेना प्रमुख का नजरिया है। सेना प्रमुख के नजरिए से वे इतना क्यों डर रहे हैं? सेना प्रमुख जो कह रहे हैं, उससे वे इतना क्यों डर रहे हैं? हम इससे कुछ सीखेंगे। बेशक,हम एक प्रधानमंत्री के बारे में कुछ सीखेंगे। हम राजनाथ सिंह जी के बारे में कुछ सीखेंगे। लेकिन हम सेना के बारे में भी कुछ सीखेंगे और यह भी जानेंगे कि देश के राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को किस तरह निराश किया।

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