Jahangir Khan Arrested: पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलते ही अब बाहुबलियों पर शिकंजा तेज होने लगा है। डायमंड हार्बर से टीएमसी के बाहुबली नेता जहांगीर खान को STF ने अरेस्ट किया है। पुलिस के मुताबिक, टीएमसी नेता जहांगीर खान को उत्तरी बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास 'जबरन वसूली' के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जहांगीर फाल्टा सीट पर चुनाव के दौरान चर्चा में आया था। जहांगीर को यहां का बाहुबली नेता माना जाता है और उसका गिरोह लोगों को डराने-धमकाने का काम करता है। चुनाव के दौरान उसने पुलिस अधिकारी को 'पुष्पा झुकेगा नहीं' कहकर चुनौती दी थी। ये मामला खूब सुर्खियों में आया था। अब जहांगीर पर एसटीएफ ने शिकंजा कस दिया है।
TMC बाहुबली नेता जहांगीर खान गिरफ्तार
पानीटंकी बाजार से गिरफ्तार
एक बयान में कहा गया कि जहांगीर खान, जो डायमंड हार्बर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत फाल्टा पुलिस स्टेशन में कई मामलों में वांछित था, आज (07/06/2026) दोपहर लगभग 2:30 बजे पश्चिम बंगाल की एसटीएफ और दार्जिलिंग पुलिस टीम द्वारा संयुक्त छापेमारी में खारीबारी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत पानीटंकी बाजार से गिरफ्तार कर लिया गया। उसे कल (08/06/2026) सुबह अदालत में पेश किया जाएगा।
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फाल्टा विधानसभा चुनाव में हुआ था हंगामा
बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भारी हंगामे और गड़बड़ी के बाद फाल्टा में मतदान रोक दिया गया था। बाद में मतदान की नई तारीख 21 मई का ऐलान किया गया था। तब टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने हुंकार भरी थी कि फाल्टा की जनता पीएम मोदी और अमित शाह को अपनी ताकत दिखा देकी। लेकिन मतदान से ऐन पहले ही जहांगीर खान ने अपना नाम वापस लेकर सभी को चौंका दिया था।
नाम वापस लेने की बताई थी ये वजह
अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के पीछे का कारण बताते हुए टीएमसी नेता ने कहा, 'मैं फाल्टा का पुत्र हूं,मेरा उद्देश्य फाल्टा में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना और इसका अधिकतम विकास करना है। मेरा सपना था 'सोनार फाल्टा'। हमारे मुख्यमंत्री फाल्टा के लोगों के लिए विशेष पैकेज उपलब्ध करा रहे हैं; इसी कारण मैं अपनी उम्मीदवारी वापस ले रहा हूं। मैंने फाल्टा के विकास और शांति के हित में अपनी उम्मीदवारी वापस ली है।'
जहांगीर खान पर भ्रष्टाचार के आरोप
19 मई को टीएमसी के फाल्टा से उम्मीदवार जहांगीर खान द्वारा विधानसभा पुनर्चुनाव से हटने की घोषणा के एक घंटे से भी कम समय में, सिविल ठेकेदारों ने नेता पर काम के ठेकों के बदले उनसे कमीशन वसूलने का आरोप लगाया था। पोस्टर लहराते हुए ठेकेदारों के एक समूह ने दक्षिण 24 परगना जिला परिषद के पीडब्ल्यूडी और सड़क परिवहन कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। जहांगीर खान इन दोनों विभागों के कर्माध्यक्ष (अध्यक्ष) हैं।
ठेकेदारों का दावा है कि विभिन्न परियोजनाओं के ठेकों को पूरा करने के लिए खान के निजी सहायक को सात से दस प्रतिशत तक कमीशन देना पड़ता था। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि विभिन्न कार्य परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये कमीशन के रूप में दिए गए थे और उन्होंने इस राशि को वापस करने की मांग की। ठेकेदारों ने दावा किया कि टीएमसी नेता खान, जिन पर क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों को अपने दबदबे से चलाने का आरोप है, 21 मई को निर्धारित चुनावों से 48 घंटे से भी कम समय पहले फाल्टा पुनर्मतदान से खुद को अलग करने की घोषणा की।
लगे थे चुनावी अनियमितता और धमकाने के आरोप
जहांगीर खान फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के दौरान कथित चुनावी अनियमितताओं और धमकाने के आरोपों को लेकर विवादों के केंद्र में रहे हैं, जिसके चलते अदालती मामला चला और बाद में चुनाव आयोग द्वारा पूरे क्षेत्र में चुनाव रद्द करने का आदेश दिया गया। ठेकेदारों के ये आरोप मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा लोगों से जबरन वसूली और कमीशन लेने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के आह्वान के बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
वहीं, जहांगीर खान ने किसी भी प्रकार की गलती से इनकार करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया जा रहा है। सरकारी परियोजनाओं और ठेकों में कथित कमीशन का मुद्दा बंगाल में वर्षों से राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है, जिसमें विपक्षी दल स्थानीय टीएमसी नेताओं के कुछ वर्गों पर जबरन वसूली और भ्रष्टाचार का बार-बार आरोप लगाते रहे हैं।
