पश्चिम बंगाल से हैं सबसे ज्यादा महिला सांसद, तो इन प्रदेशों से एक भी नहीं

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Sep 19, 2023, 05:38 PM IST

Woman MPs In Loksabha : संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधयेक पारित तो हो जाएगा लेकिन 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को नए परिसीमन के बाद ही लागू किया जा सकता है। 1971 की जनगणना के आधार पर किए गए परिसीमन पर आधारित लोकसभा सीटों की संख्या 545 बनी हुई है।

Woman MPs In Loksabha : संसद के नए भवन में 19 अगस्त को सरकार ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश कर दिया। विपक्षी दलों के रवैये को देखते हुए इस बार संसद के दोनों सदनों से इस विधेयक का पारित होना तय है। इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद लोकसभा चुनाव में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी। यानी कि लोकसभा की 543 सीटों में से 181 सीटों पर महिलाओं का हक होगा। इन सीटों से चुनाव जीतकर महिलाएं ही लोकसभा पहुंचेंगी। 2019 के लोकसभा चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों से 78 महिलाएं चुनाव जीतकर निम्न सदन पहुंचीं। इनमें सबसे ज्यादा महिला सांसदों की संख्या पश्चिम बंगाल से है। बंगाल से टीएमसी से 10 और भाजपा से दो महिलाओं ने चुनाव जीता। महिला सांसदों की संख्या के मामले में देश का सबसे बड़ा सूबा उत्तर प्रदेश है। यूपी से महिला सांसदों की संख्या 11 है।

Women Resrvation

महिला आरक्षण विधेयक का पारित होना तय है।

कानून तो बन जाएगा लेकिन अभी करना होगा इंतजार

संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधयेक पारित तो हो जाएगा लेकिन 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को नए परिसीमन के बाद ही लागू किया जा सकता है। 1971 की जनगणना के आधार पर किए गए परिसीमन पर आधारित लोकसभा सीटों की संख्या 545 बनी हुई है। अब अगली जनगणना और परिसीमन के बाद होने वाले लोकसभा चुनाव में ही यह आरक्षण लागू हो पाएगा। यानी कि 2024 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू नहीं होगा।

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