शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने राहुल गांधी पर भारत विरोधी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया है। शिंदे ने कहा कि राहुल अगर भारत विरोधी एजेंडा चलाएंगे तो उन्हें 20 बार नहीं बल्कि 200 बार टोका जाएगा। उन्होंने यह हमला तब बोला जब वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के विपक्ष के प्रस्ताव पर बहस में भाग ले रहे थे। इस दौरान श्रीकांत शिंदे ने ओम बिरला के प्रति अपना समर्थन जताते हुए विपक्ष के व्यवहार की कड़ी आलोचना की।
राहुल गांधी
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राहुल गांधी की टिप्पणियों को लेकर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बीते साल मई में सशस्त्र बलों की सफलता की बजाय यह जानने को लेकर अधिक चिंतित थे कि पाकिस्तान में कितने विमान गिराए गए।
राहुल गांधी की नीति भारत विरोधी
शिंदे ने कहा कि गौरव गोगोई ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते समय राहुल गांधी को 20 बार टोका गया। मैं उनसे कहना चाहूंगा कि अगर आप देश के खिलाफ बोलेंगे तो हम आपको 200 बार टोकेंगे। शिंदे ने आगे कहा कि उनकी नीति भारत विरोधी है। राहुल गांधी के भाषण पाकिस्तान में दिखाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि गोगोई ने प्रधानमंत्री को कमजोर बताया। कोई भी देश कमजोर देश के साथ मुक्त व्यापार समझौता नहीं करता। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने हमारे साथ व्यापार समझौता किया है।
राहुल गांधी पर हमला करते हुए शिंदे ने कहा कि विपक्ष के नेता प्रश्नकाल या शून्यकाल के दौरान कभी मुद्दे नहीं उठाते और लोकसभा में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने एक भी निजी सदस्य विधेयक पेश नहीं किया है। जब भी महत्वपूर्ण विधेयकों पर बहस होती है,विपक्ष के नेता सदन से अनुपस्थित रहते हैं।
विपक्ष के पास मुद्दों की कमी
बाद में बहस में हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि उन्हें यह देखकर दुख हुआ कि विपक्ष के पास मुद्दों की इतनी कमी है कि सभी महत्वपूर्ण मुद्दों में से उन्होंने यह प्रस्ताव पेश किया है। लोक जनशक्ति पार्टी के नेता (राम विलास) ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार की उपलब्धियां और नीतियां ऐसी रही हैं कि शायद उनके पास उठाने के लिए कुछ खास नहीं बचा है। पासवान ने कांग्रेस पर बीआर अंबेडकर को वह सम्मान न देने का भी आरोप लगाया जिसके वे हकदार थे।
उन्होंने कहा कि मैं विपक्ष के नेतृत्व में काम करने वाले नेताओं और अन्य विपक्षी नेताओं से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने आंबेडकर के प्रति कितना सम्मान दिखाया है। अगर किसी ने आंबेडकर का सबसे ज्यादा अपमान किया है, तो वह कांग्रेस है। वे संविधान का सम्मान करने की बात करते हैं, तो उन्होंने सदन में आंबेडकर की कोई तस्वीर क्यों नहीं लगाई? जब वे सत्ता में थे,तब एक ही परिवार के तीन सदस्यों की तस्वीर लगी हुई थी।
जो संविधान का सम्मान न कर सकते वो संविधान निर्माता का क्या करेंगे?
चिराग पासवान ने कहा कि अगर वे (कांग्रेस) संविधान के निर्माता का सम्मान नहीं कर सकते,तो संविधान का सम्मान कैसे करेंगे?वे संविधान की प्रति जेब में रखते हैं और राजनीतिक सभाओं में उसे लहराते हैं। कांग्रेस हमें बताएगी कि संविधान का सम्मान कैसे किया जाता है?आपातकाल लगाते समय उन्होंने संविधान को रौंद डाला था? उन्होंने कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट में, जहां दुनिया भर से लोग आए और राष्ट्राध्यक्षों ने भारत की प्रशंसा की,वहीं कांग्रेस के लोगों ने देश का अपमान किया।
