पश्चिम बंगाल खासतौर पर मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम राज्य में लागू नहीं किया जाएगा। ममता बनर्जी ने कहा कि वक्फ कानून केंद्र ने बनाया है और लोगों को केंद्र से जवाब मांगना चाहिए, राज्य से नहीं।
पश्चिम बंगा सीएम ममता बनर्जी (फोटो- @MamataBanerjeeOfficial)
बंगाल में लागू नहीं होगा वक्फ कानून-सीएम
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा- “याद रखें, हमने वह कानून नहीं बनाया, जिस पर बहुत से लोग भड़के हुए हैं। यह कानून केंद्र सरकार ने बनाया है। इसलिए आप जो जवाब चाहते हैं, वह केंद्र सरकार से मांगना चाहिए। हमने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है - हम इस कानून का समर्थन नहीं करते। यह कानून हमारे राज्य में लागू नहीं होगा। तो दंगा किसलिए।”
NIA जांच की मांग
इस बीच, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और तोड़फोड़ किये जाने की जांच शनिवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंपने की मांग की। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा- ‘‘बता दें कि इसको लेकर विरोध करने वाली कोई बात नहीं थी, यह हिंसा पूर्व नियोजित कार्य थी। यह जिहादी ताकतों द्वारा लोकतंत्र तथा शासन पर हमला है, जो अपने प्रभुत्व का दावा करने और हमारे समाज के अन्य समुदायों के बीच भय फैलाने के लिए अराजकता फैलाना चाहते हैं। सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट कर दिया गया, सरकारी अधिकारियों को धमकी दी गई, और भय का माहौल पैदा किया गया। यह सब असहमति की झूठी आड़ में किया गया।’’
भाजपा ने बोला हमला
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने तृणमूल सरकार से मुर्शिदाबाद में कानून के शासन को सख्ती से लागू करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा के सत्ता में आने पर अल्पसंख्यकों के एक वर्ग द्वारा की जाने वाली इस तरह की ‘‘बर्बरता और गुंडागर्दी को पांच मिनट में रोक दिया जाएगा और कुचल दिया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए और बीडीओ कार्यालय में भीड़ द्वारा तोड़फोड़ की गई, क्योंकि तुष्टिकरण से प्रेरित राज्य प्रशासन ने उचित कदम नहीं उठाए।
