Vijay Sinha Profile: बिहार में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। वह आज शाम को ही भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर नई सरकार बना सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी ने जदयू को समर्थन देने का औपचारिक ऐलान भी कर दिया है। इसके साथ ही पार्टी की ओर से डिप्टी सीएम पद के चेहरे भी तय कर दिए गए हैं। बीजेपी प्रदेश प्रभारी विदेश तावड़े ने बताया कि भाजपा विधायक दल की बैठक में सभी ने एक मत से जदयू को समर्थन देने का प्रस्ताव पास किया। बैठक में सर्वसम्मति से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी को पार्टी के विधायक दल का नेता चुना गया है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया है।
विजय सिन्हा बनेंगे बिहार के नए डिप्टी सीएम
कौन हैं विजय सिन्हा
RSS के बैकग्राउंड से आने वाले विजय सिन्हा का जन्म लखीसराय के तिलकपुर में हुआ था। हालांकि उनके पिता का घर मोकामा जिले में पड़ता है। पिता शारदा रमण सिंह बाढ़ के एक हाई स्कूल में प्रभारी प्रिंसिपल थे। 5 जून 1967 को जन्मे विजय सिन्हा बहुत जल्दी RSS के स्वयंसेवक बन गए थे। विजय सिन्हा बाढ़ में पढ़ाई के दौरान ABVP के सक्रिय सदस्य थे।बेगूसराय के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग (डिप्लोमा) की पढ़ाई की। 1985 में बिहार पॉलिटेक्निक छात्र संघ के सचिव भी बने। बेरोजगार बिहार जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन के महासचिव जैसे पद पर भी रहे। भूमिहार समुदाय से आने वाले विजय सिन्हा बीजेपी में धीरे-धीरे आगे बढ़े। 2013 में विजय सिन्हा बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता बने।
साल 2000 में विजय सिन्हा को भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदेश संगठन के प्रभारी की जिम्मेदारी भी दी गई। 2004 में बीजपी के प्रदेश कार्य समिति के सदस्य बनाए गए। बाद में बीजेपी के किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री भी बने। फिर बीजेपी ने उन्हें बेगूसराय और खगड़िया जिले का क्षेत्रीय प्रभारी बना दिया गया। मार्च 2005 में विजय सिन्हा पहली बार लखीसराय से विधायक चुने गए। इस चुनाव में बिहार में किसी दल को बहुमत नहीं मिला था। 6 महीने तक राष्ट्रपति शासन लगा रहा। उसी साल नवंबर में दोबारा विधानसभा चुनाव हुए, उस वक्त उन्हें हार मिली। दोबारा विधानसभा में पहुंचने के लिए उन्हें पांच साल का इंतजार करना पड़ा। साल 2010 के चुनाव में फिर से जीत मिली। तब से लगातार तीन बार इसी सीट से विधायक बन चुके हैं।
साल 2017 में जब RJD को छोड़कर JDU ने बीजेपी के साथ फिर से सरकार बनाई थी, उस दौरान विजय सिन्हा को श्रम संसाधन मंत्री बनाया गया था। 2017 में उन्हें बेगूसराय का प्रभारी मंत्री भी चुना गया। विजय सिन्हा हमेशा पार्टी के लिए एक समर्पित नेता के तौर रहे है। इसलिए पिछले चुनाव के बाद बीजेपी ने उन पर भरोसा जताया था। विपक्ष के साथ तो सदन में उनकी तकरार हमेशा रही है। लेकिन जेडीयू के नेताओं के साथ भी उनकी नहीं बनी।
