Vice Presidential Election: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के पद से इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके उत्तराधिकारी को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से लेकर कई नामों की चर्चा हो रही है, जिनमें जदयू नेता और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर भी शामिल हैं। राजनीतिक गलियारों में तो यहां तक कहा जाने लगा कि जदयू के पास उपराष्ट्रपति पद जा सकता है, लेकिन सूत्रों ने इन तमाम अटकलों को खारिज कर दिया।
भाजपा नेताओं संग उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने वाले जगदीप धनखड़ (फोटो साभार: @VPIndia)
किसके पास रहेगा उपराष्ट्रपति पद?
सूत्रों ने ऐसे संकेत दिए हैं कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) उपराष्ट्रपति पद अपने पास ही रखेगी और किसी ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाएगी, जो पार्टी की विचारधारा को चरितार्थ किया हो। टाइम्स नाउ के सूत्रों ने बताया कि रामनाथ ठाकुर की भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से हालिया मुलाकात महज एक शिष्टाचार भेंट थी। सूत्रों ने बताया कि उसी दिन अन्य सांसदों ने भी जेपी नड्डा से मुलाकात की थी।
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अटकलों को कैसे मिला बल
बिहार में इस साल के आखिरी में होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते ऐसा कहा जा रहा था कि भाजपा उपराष्ट्रपति पद के लिए बिहार से किसी नेता का चयन कर सकती है। ऐसे में रामनाथ ठाकुर का नाम चर्चाओं में चलने लगा और हाल ही वह जेपी नड्डा से मिले भी थे।
धनखड़ का चौंकाने वाला इस्तीफा
मानसून सत्र के पहले दिन (21 जुलाई) संसद का कामकाज सामान्य तौर पर चल रहा था तभी अचानक शाम को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा भेजा और कहा कि वह तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं। बाद में उन्होंने इस्तीफा सार्वजनिक कर दिया।
धनखड़ ने राष्ट्रपति को लिखे अपने पत्र में कहा, "स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सीय सलाह का पालन करने के लिए, मैं संविधान के अनुच्छेद 67 (ए) के अनुसार, तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देता हूं।"
उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू
चुनाव आयोग ने धनखड़ के अचानक इस्तीफा देने के दो दिन बाद बुधवार को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की। चुनाव आयोग ने बताया कि उसने संसद के दोनों सदनों के सांसदों के निर्वाचक मंडल का गठन शुरू कर दिया है। निर्वाचित और मनोनीत दोनों सदस्य उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने के पात्र हैं।
