रामचरितमानस विवाद पर VHP की मांग- राजद और सपा की मान्यता रद्द करे चुनाव आयोग

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 2, 2023, 06:05 PM IST

Ramcharitmanas controversy: विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करने और समाजवादी पार्टी (सपा) तथा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आग्रह करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार से मिलने का समय मांगा है।

Ramcharitmanas controversy: रामचरितमानस पर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार से मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरितमानस में लिखी कुछ पंक्तियों को दलितों पिछड़ी जातियों के खिलाफ बताकर उन्हें हटाने की मांग की। इसके बाद इस सियासी विवाद शु्रू हो गया। अब विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने चुनाव आयोग को सपा और आरजेडी की मान्यता रद्द कर देनी चाहिए क्योंकि उन्होंने रामचरितमानस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करके उन बुनियादी शर्तों का उल्लंघन किया है जिनके तहत उन्हें राजनीतिक दलों के रूप में रजिस्टर्ड किया गया था।

VHP working president Alok Kumar

विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार

संगठन ने एक बयान में कहा कि विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करने और समाजवादी पार्टी (सपा) तथा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आग्रह करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार से मिलने का समय मांगा है। कुमार ने आरोप लगाया कि रामचरित मानस का अपमान करने के सपा के स्वामी प्रसाद मौर्य के हाल के बयान और इसके पन्नों को जलाया जाना भारत के नागरिकों के एक बड़े वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का जानबूझकर किया गया दुर्भावनापूर्ण कृत्य है। उन्होंने दावा किया कि तथ्य यह है कि मौर्य को उनकी टिप्पणी के तुरंत बाद सपा द्वारा महासचिव के पद पर पदोन्नत किया गया जो यह साबित करता है कि उनके बयान को उनकी पार्टी का समर्थन प्राप्त है।

End of Feed