Vande Metro Train: वंदे भारत ट्रेन के बाद अब भारत की पहली वंदे भारत मेट्रो दौड़ने को तैयार है। भारतीय रेलवे ने वंदे भारत मेट्रो का ट्रायल रन शुरू कर दिया है, जो जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। परीक्षण सफल होने पर इसे यात्रियों के लिए उपलब्ध करवा दिया जाएगा। जिसके बाद आम लोगों की यात्रा के लिए यह ट्रेन उपलब्ध हो जाएगी। रेल डिब्बा कारखाना कपूरथला में निर्मित वंदे भारत मेट्रो ट्रेन के 16 कोचों का प्रोटोटाइप रैक इसी माह रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स आर्गेनाइजेशन को भी सौंपा जाएगा। आरडीएसओ रेल मंत्रालय का तकनीकी मामलों में परामर्शदाता संगठन है। भारत की इस पहली स्वदेशी सेमी-हाई स्पीड ट्रेन को आरसीएफ के इंजीनियरों ने वंदे भारत ट्रेन की तर्ज पर ही डिजाइन किया है।
कवच प्रणाली से लैस होगी देश की पहली वंदे भारत मेट्रो
47 सेकेंड में पकड़ेगी 100 किमी की रफ्तार
आरसीएफ के महाप्रबंधक मंजुल माथुर ने कहा कि वंदे मेट्रो ट्रेन 250 किमी की दूरी तय करने वाले इंटरसिटी यात्रियों की सुविधा के लिए डिजाइन की गई है। यह ट्रेन 100 किमी की स्पीड मौजूदा वंदे भारत ट्रेन से भी कम समय में पकड़ लेगी। वंदे भारत मेट्रो को इस तरह डिजाइन किया जा गया है कि जीरो से 100 की स्पीड 47 सेकेंड में पकड़ लेगी है। लेकिन इसकी अधिकतम स्पीड मौजूदा वंदे भारत ट्रेन से कम है। वंदे भारत मेट्रो की स्पीड 130 किमी प्रति घंटे रखी गई है।
रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, वंदे भारत मेट्रो का किराया एसी चेयरकार के मुकाबले कम होने की संभावना है। इसके लिए मेट्रो और आरआरटीएस दोनों के किराए का अध्ययन भी किया जा रहा है। रेलवे अधिकारी के अनुसार किराया कम रखने से अधिक से अधिक लोग वंदे भारत मेट्रो का लाभ ले सकेंगे। जल्द ही किराया तय कर लिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार वंदे भारत मेट्रो देश के कई शहरों को जोड़ेगी। इनमें कुछ संभावित रूट तय हो चुके हैं। इनमें लखनऊ-कानपुर, आगरा-मथुरा, दिल्ली-रेवाड़ी, आगरा-दिल्ली और दिल्ली-मुरादाबाद शामिल हैं।
