Vande Bharat Sleeper Train: 16 डिब्बे वाली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट को अब वाणिज्यिक परिचालन के लिए 'रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन' (RDSO) के प्रमाणीकरण और आयुक्त, रेलवे सुरक्षा की मंजूरी की आवश्यकता है। रेलवे बोर्ड ने यह जानकारी दी। इसने बताया कि ट्रेन ने 15 जनवरी को लंबी दूरी का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया था। बोर्ड ने एक बयान में कहा कि भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के परिचालन से पहले आरडीएसओ परीक्षण के विश्लेषण के बाद अंतिम प्रमाण पत्र जारी करेगा।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल पूरा
इसमें कहा गया है कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त ट्रेन का उसकी अधिकतम गति पर मूल्यांकन करेंगे। बोर्ड के अनुसार, विश्वस्तरीय, हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन का सपना अब वास्तविकता बन गया है, क्योंकि 16-डिब्बे वाली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट ने 15 जनवरी को मुंबई-अहमदाबाद खंड में 540 किलोमीटर की दूरी के लिए आरडीएसओ द्वारा परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। बयान में कहा गया कि एकीकृत कोच फैक्ट्री (चेन्नई) ने 17 दिसंबर 2024 को भारत के पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट का निर्माण पूरा कर लिया।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में मिलेगी ये सुविधाएं
इन वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को स्वचालित दरवाजे, बेहद आरामदायक बर्थ, ऑन बोर्ड वाईफाई और विमान जैसी सुविधाओं के साथ डिजाइन किया गया है। भारत में यात्री पहले से ही मध्यम और छोटी दूरी पर देश भर में चलने वाली 136 वंदे भारत ट्रेनों के माध्यम से रिक्लाइनिंग सीटों और विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव का आनंद ले रहे हैं। वंदे भारत स्लीपर के साथ, यात्री विश्व स्तरीय सुविधाओं और उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से लैस एक शांत, सहज और अधिक आरामदायक यात्रा की उम्मीद कर सकते हैं। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि मेक इन इंडिया पहल के तहत डिजाइन और निर्मित यह ट्रेन भारत की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और रेल यात्रा को बदलने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट आधुनिक, कुशल और यात्री-अनुकूल परिवहन के राष्ट्र के दृष्टिकोण का एक प्रमाण है। इसके अलावा रेल मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि ट्रेन में 16 कोच हैं जिन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है: एसी प्रथम श्रेणी, एसी 2-टियर और एसी 3-टियर, कुल 1128 यात्रियों की क्षमता है।
