UPI को ग्लोबल बढ़त, भारत-न्यूजीलैंड वित्तीय FTA से डिजिटल पेमेंट को नई राह

भारत और न्यूजीलैंड के बीच वित्तीय सेवाओं पर हुए एफटीए से UPI और भारतीय फिनटेक को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश का मौका मिलेगा। यह समझौता डिजिटल भुगतान, बैंकिंग और सेवा निर्यात के ज़रिए भारत की वैश्विक वित्तीय ताकत को मजबूत करेगा।

दिल्ली : भारत और न्यूजीलैंड के बीच वित्तीय सेवाओं पर मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की वार्ता का पूरा होना भारत के लिए सिर्फ एक कूटनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि आर्थिक और तकनीकी ताकत को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने का बड़ा मौका है। इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा यह है कि भारत अब अपने मजबूत डिजिटल, बैंकिंग और फिनटेक इकोसिस्टम को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ पाएगा।

UPI Payment

(सांकेतिक फोटो-Istock)

सबसे अहम लाभ डिजिटल भुगतान के मोर्चे पर दिखता है। यूपीआई और एनपीसीआई जैसी प्रणालियों ने भारत को दुनिया के सबसे उन्नत डिजिटल भुगतान देशों में खड़ा कर दिया है। अब इस समझौते के जरिए भारतीय भुगतान सेवा प्रदाताओं को न्यूजीलैंड के बाजार में प्रवेश का रास्ता मिलेगा। सीमा पार रेमिटेंस, रियल-टाइम पेमेंट और मर्चेंट ट्रांजैक्शन आसान होंगे, जिससे प्रवासी भारतीयों का पैसा तेज़ और सस्ते में भारत पहुंच सकेगा।

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