Dussehra: राजस्थान में सदियों से चली आ रही है रावण को पैरों से रौंदने की अनूठी परम्परा

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  • Updated Oct 5, 2022, 07:25 PM IST

trampling Ravana with feet: मिट्टी के रावण को पैरों तले रौंदता हैं जेठी समाज, मिट्टी पर पहलवान करते है कुश्ती-दंगल...

हमारे देश में परम्पराओं और रवायतों को शिद्दत से निभाने की अनूठी परम्परा है और जब बात विजयदशमी की हो तो फिर बुराई के प्रतीक को मारने की परम्पराएं अपने आप में खास हो जाती हैं, हालंकि जेठी समाज की हाडौती में संख्या बहुत कम है लेकिन विजयदशमी पर जेठी समाज रावण का वध अलग तरीके से करके अपनी मौजूदगी दर्ज करवा देता है।

trampling Ravana with feet

मिट्टी के रावण को पैरों तले रौंदता हैं जेठी समाज

जी हाँ विजयदशमी के मौके पर जहां आज देशभर में रावण के पुतले के दहन की तैयारियां की जा रही है वहीं राजस्थान में कोटा के नांता इलाके में लिम्ब्जा माता के मंदिर में जेठी समाज के लोगो ने हर साल की तरह इस साल भी मिट्टी का रावण बनाकर उसको पैरों से रोंदकर बुराई के प्रतीक का अंत किया।

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