केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार ने ट्वीट कर कहा-"बिहार में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक और नमूना देख लीजिए। अगुवानी सुल्तानगंज गंगा पुल एक बार फिर गिर गया है। पुल का गिरना भ्रष्टाचार की कहानी चीख-चीख कर बयां कर रही हैं। इस घटना का तुरंत संज्ञान लेते हुए चाचा- भतीजा को इस्तीफा देकर देश के सामने एक मिसाल पेश करना चाहिए।"
केंद्रीय मंत्री श्री चौबे के विशेष प्रयास से राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड ने कुछ महीने पहले कार्य को तेजी से बढ़ाने के लिए जलीय जंतुओं के संरक्षण के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए, द्वारा जो रोक लगाई थी उसे हटा लिया गया था। जहां पर पुल गिरा है, वहां डॉल्फिन बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। यह क्षेत्र डॉल्फिन का घर कहा जाता है। केंद्रीय मंत्री श्री चौबे ने इस संबंध में अधिकारियों से भी कहा है कि पुल गिरने से जलीय जंतुओं को नुकसान आदि की स्थिति की जानकारी प्राप्त करें।
गौर हो कि रविवार को बिहार में एक पुल देखते ही देखते गंगा नदी में समा गया। भागलपुर और खगड़िया को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा यह पुल पहले भी गिर चुका है। यह पुल फोरलेन है जो गंगा नदी पर बना रहा है। इसका पूरा सुपर स्ट्रक्चर रविवार को अचानक से ताश के पतों की तरह बिखर गया और नदी में जा समाया। भागलपुर के सुल्तानगंज और खगड़िया के बीच गंगा नदी पर बन रहा पुल ताश के पत्तों की तरह बिखर गया, 2014 मैं इस पुल का शिलांन्यास नीतीश कुमार ने किया था।
निर्माणाधीन पुल का सुपर स्ट्रक्चर भी नदी में गिर गया। कई पिलरों के 30 से अधिक स्लैब मतलब तक़रीबन 100 मीटर लंबा हिस्सा ध्वस्त हो गया है। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में बन रहा यह पुल खगड़िया और भागलपुर जिलों को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है।
