केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने आज कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। इस बैठक में स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR) के सचिव, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के महानिदेशक, DGHS, और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मीटिंग के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में आए कोविड के ज्यादातर मामलों में हल्के लक्षण हैं।
भारत में बढ़ रहे कोरोना के मामले (प्रतीकात्मक फोटो- pixabay)
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स्वास्थ्य मंत्रालय रख रहा है नजर
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हाल ही में केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों से कुछ कोविड-19 के मामले सामने आए हैं। हालांकि, ये मामले संख्या में बहुत अधिक नहीं हैं और अधिकांश संक्रमित व्यक्ति हल्के लक्षणों के साथ घर पर ही उपचार कर रहे हैं। देशभर में कोविड-19 समेत श्वसन रोगों की निगरानी के लिए एक मजबूत प्रणाली कार्यरत है। यह निगरानी ICMR के रेस्पिरेटरी वायरस सेंटिनल सर्विलांस नेटवर्क और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के माध्यम से की जा रही है।
नए वैरिएंट से कितना खतरा
वहीं, हाल ही में सिंगापुर, हांगकांग और कुछ अन्य देशों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि की मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई हैं। इस संदर्भ में संबंधित देशों के राष्ट्रीय IHR फोकल पॉइंट्स से जानकारी प्राप्त की गई है, जिनसे यह स्पष्ट हुआ है कि अभी जो वायरस वेरिएंट पहले से मौजूद वेरिएंट्स की तुलना में न तो अधिक संक्रामक हैं और न ही अधिक गंभीर बीमारी उत्पन्न कर रहे हैं।
भारत में कोरोना की स्थिति
आईएनएसएसीओजी के अनुसार, भारत में सबसे आम स्वरूप जेएन.1 बना हुआ है, जिसमें परीक्षण किए गए नमूनों का 53 प्रतिशत शामिल है, इसके बाद बीए.2 (26 प्रतिशत) और अन्य ओमिक्रॉन स्वरूप (20 प्रतिशत) का स्थान है। कई राज्यों के अधिकारियों ने शनिवार, 24 मई को और अधिक मामलों की सूचना दी। दिल्ली में 23 नए मामले दर्ज किए गए, आंध्र प्रदेश में पिछले 24 घंटों में चार मामले सामने आए, तेलंगाना में एक की पुष्टि हुई। केवल मई में ही केरल में 273 मामले सामने आए।
