Indore Water Contamination Deaths: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में जहीरे पानी पीने की वजह से 15 लोगों की जान चली गई। वहीं, कई लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस प्राशसनिक लापरवाही पर मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने चिंता जाहिर की है।
इंदौर दूषित पानी मामले को लेकर उमा भारती ने जाहिर की नाराजगी।(फोटो सोर्स: ANI)
उमा भार्ती ने सख्त लहजे में मोहन यादव सरकार से कई सवाल भी पूछे। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा," साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं।"
वहीं, उन्होंने आगे लिखा कि प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। उन्होंने इस घटना पर दुख जाहिर करते हुए लिखा कि जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीड़ितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।
जांच रिपोर्ट में क्या जानकारी सामने आई?
जहरीले पानी को लेकर कुछ जानकारी भी सामने आई है। पानी की जांच रिपोर्ट में कई खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं, जिससे इलाके में स्वास्थ्य संकट की आशंका बढ़ गई है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार सैंपलों में फीकल कॉलीफॉर्म, ई-कोलाई और क्लेसबेला जैसे बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है, जो उल्टी, दस्त और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
बता दें कि कुछ सैंपलों में विब्रियो कोलेरी जैसे तत्व भी मिले हैं। यह वही बैक्टीरिया है, जो हैजा जैसी गंभीर बीमारी में पाया जाता है। इन खुलासों के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। अब तक कुल 80 पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें से कुछ की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार बाकी सैंपलों की विस्तृत लैब रिपोर्ट आने में 1 से 2 दिन का समय लग सकता है। पूरी रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति की गंभीरता का सही आकलन किया जा सकेगा।
