यूक्रेन की उप विदेश मंत्री एमीन झापरोवा सोमवार को दिल्ली में विदेश मंत्रालय पहुंचीं
Ukraines Dy Foreign Minister News: यूक्रेन की उप विदेश मंत्री एमीन झापरोवा ( Emine Dzhaparova) सोमवार को दिल्ली में विदेश मंत्रालय पहुंचीं। भारत पहुंचकर यूक्रेन (Ukraine) की उप विदेश मंत्री झापरोवा ने कहा- 'भारत को अपने ऊर्जा संसाधनों, सैन्य अनुबंधों और राजनीतिक बातचीत में विविधता लाने में व्यावहारिक होना चाहिए। पीएम मोदी की लोकतंत्र की नीतियां , संवाद और विविधता, 'युद्ध का कोई युग नहीं' और रणनीतिक अनुप्रयोग की नीति वास्तव में काफी महत्वपूर्ण है।' गौर हो कि यूक्रेन की मंत्री नौ से 12 अप्रैल तक भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं।
यूक्रेन की उप विदेश मंत्री एमीन झापरोवा ने कहा, 'भारत को अपने ऊर्जा संसाधनों, सैन्य अनुबंधों और राजनीतिक बातचीत में विविधता लाने में व्यावहारिक होना चाहिए।' मीडिया से बात करते हुए झापरोवा ने लोकतंत्र, संवाद और विविधता की नीतियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की।
एक नजर यूक्रेन के मंत्री की यात्रा के बारे में, क्या है प्रोग्राम
विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यात्रा के दौरान, झापरोवा सचिव (West),विदेश मंत्रालय (MEA) संजय वर्मा के साथ बातचीत करेंगी, जहां दोनों पक्षों के द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करने, यूक्रेन की मौजूदा स्थिति और आपसी हित के वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने की उम्मीद है।
#WATCH | "India should be pragmatic in diversifying its energy resources, military contracts & political interactio… t.co/D6KDOrwt2W
— ANI (@ANI) Apr 10, 2023
विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी से भी मुलाकात
झापरोवा (Dzhaparova) यात्रा के दौरान विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी से भी मुलाकात करेंगी और उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Adviser) विक्रम मिश्री से भी मुलाकात करेंगी।
'यह यात्रा दोनों देशों के बीच आपसी समझ और हितों को आगे बढ़ाने का अवसर होगी'
विदेश मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'भारत यूक्रेन के साथ मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध और बहुमुखी सहयोग साझा करता है, और राजनयिक संबंध स्थापित करने के पिछले 30 वर्षों में, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग ने व्यापार, शिक्षा, संस्कृति और रक्षा के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है'
यह यात्रा दोनों देशों के बीच आपसी समझ और हितों को आगे बढ़ाने का अवसर होगी ऐसा कहा जा रहा है। गौर हो कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से ही पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से कई बार बात की है।
