राम मंदिर के व्यावसायीकरण से हिंदुत्व के साथ विश्वासघात तक, उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर लगाए क्या-क्या आरोप?

राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन को लेकर जारी विवाद अब सियासी रंग ले चुका है। इस बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर राम मंदिर के व्यावसायीकरण और हिंदुत्व की विचारधारा से विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति, दल-बदल और TET-2026 पेपर लीक मामले को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा।

Uddhav Thackeray: राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर मामला अब आरोप-प्रत्यारोप की ओर बढ़ता जा रहा है। अब शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राम मंदिर का 'व्यावसायीकरण' करने और हिंदुत्व की विचारधारा से 'विश्वासघात' करने का आरोप लगाकर निशाना साधा है। ठाकरे ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के आरोपों की जांच जारी है। महाराष्ट्र में भाजपा नीत सत्तारूढ़ गठबंधन पर हमला तेज करते हुए ठाकरे ने कहा कि अब "गद्दारों की जड़ों पर प्रहार करने" का समय आ गया है। उनका यह बयान शिवसेना (उबाठा) के उन बागी लोकसभा सदस्यों की ओर इशारा था, जिन्होंने सत्तारूढ़ शिवसेना का दामन थाम लिया है।

Uddhav Thackeray

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)

राम मंदिर हिंदुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत

मध्य महाराष्ट्र के परभणी में रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर "हिंदुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत" है, लेकिन उन्होंने इसके कथित व्यावसायीकरण पर सवाल उठाया। ठाकरे और उनकी पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता उन छह लोकसभा क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, जहां से निर्वाचित शिवसेना (उबाठा) के छह सांसद 22 जून को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए थे। परभणी से लोकसभा सदस्य संजय जाधव भी उन सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी का दामन थामा। शिंदे को ठाकरे का प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माना जाता है।

End of Feed