Uddhav Thackeray: राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर मामला अब आरोप-प्रत्यारोप की ओर बढ़ता जा रहा है। अब शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राम मंदिर का 'व्यावसायीकरण' करने और हिंदुत्व की विचारधारा से 'विश्वासघात' करने का आरोप लगाकर निशाना साधा है। ठाकरे ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के आरोपों की जांच जारी है। महाराष्ट्र में भाजपा नीत सत्तारूढ़ गठबंधन पर हमला तेज करते हुए ठाकरे ने कहा कि अब "गद्दारों की जड़ों पर प्रहार करने" का समय आ गया है। उनका यह बयान शिवसेना (उबाठा) के उन बागी लोकसभा सदस्यों की ओर इशारा था, जिन्होंने सत्तारूढ़ शिवसेना का दामन थाम लिया है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
राम मंदिर हिंदुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत
मध्य महाराष्ट्र के परभणी में रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर "हिंदुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत" है, लेकिन उन्होंने इसके कथित व्यावसायीकरण पर सवाल उठाया। ठाकरे और उनकी पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता उन छह लोकसभा क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, जहां से निर्वाचित शिवसेना (उबाठा) के छह सांसद 22 जून को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए थे। परभणी से लोकसभा सदस्य संजय जाधव भी उन सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी का दामन थामा। शिंदे को ठाकरे का प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माना जाता है।
हिंदुत्व की विचारधारा से विश्वासघात
ठाकरे ने आरोप लगाते हुए कहा, "राम मंदिर हिंदुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मेरा सवाल यह है कि उन्होंने मंदिर को दुकान क्यों बना दिया। यह मंदिर लंबे संघर्ष का परिणाम है। पहले भाजपा 'मंदिर वहीं बनाएंगे' का नारा देती थी। अब हमें समझ में आ गया है कि वे यह मंदिर क्यों बनाना चाहते थे। उन्होंने हिंदुत्व की विचारधारा से विश्वासघात किया है।" अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन का विवाद सात जून को सामने आया था। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने चढ़ावे के कथित गबन की जांच के लिए 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी की प्रारंभिक जांच के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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गद्दारों की जड़ों पर प्रहार करने का समय आ गया
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि अब "गद्दारों की जड़ों पर प्रहार करने" का समय आ गया है। उन्होंने मतदाताओं से भविष्य के चुनावों में शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के उम्मीदवारों को हराने की अपील की। शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख ने आगे कहा, "राज्य को बचाने के लिए लोगों को एकजुट होकर एकनाथ शिंदे गुट के उम्मीदवारों को हराना चाहिए। जिन्होंने पाला बदला, उन्होंने निजी स्वार्थ के लिए ऐसा किया।" शिवसेना (उबाठा) के भीतर मतभेदों की अटकलों को खारिज करते हुए ठाकरे ने कहा कि हर राजनीतिक दल में गुटबाजी होती है, लेकिन उनकी पार्टी में यह कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा, ’’मुझे नहीं लगता कि हमारी पार्टी में कोई आंतरिक गुटबाजी है।
TET-2026 पेपर लीक मामले पर कहा ये
ठाकरे ने कहा जैसा कि मैंने पहले कहा था, 'ऑपरेशन टाइगर' वास्तव में 'ऑपरेशन देवेंद्र' भी हो सकता है। यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली जाने से रोकने और उन्हें महाराष्ट्र तक सीमित रखने की आंतरिक कवायद हो सकती है।" 'ऑपरेशन टाइगर' उस राजनीतिक अभियान का नाम है, जिसके तहत शिवसेना (उबाठा) के सांसदों को तोड़कर शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल कराया गया। सत्तारूढ़ दलों पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए ठाकरे ने कहा कि वे सत्ता में बने रहने के लिए जानबूझकर समुदायों के बीच दरार पैदा करते हैं। उन्होंने कहा, "सत्तारूढ़ दलों की रणनीति लोगों को आपस में लड़ाए रखने की है। वे समुदायों के बीच फूट डालते हैं और सत्ता का आनंद लेते हैं। यही उनके शासन का राज है। राज्य में अराजकता है और कोई उसकी ओर ध्यान नहीं दे रहा।" पूर्व मुख्यमंत्री ने TET-2026 पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि यह 'शर्मनाक' है कि महाराष्ट्र इस मामले का केंद्र बन गया है।
