Two Indian sailors dead : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ओमान तट के समीप एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि तीन शवों की शिनाख्त हो गई है। इससे पहले फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने कहा कि यूएस हमले में दो नाविकों की मौत हुई जबकि चीफ इंजीनियर लापता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर। -फाइल फोटो
तीन भारतीयों के शव बरामद-सोनोवाल
पालाउ-ध्वजवाहक एमटी सेट्टेबेलो पर हुई दुखद घटना की जानकारी अत्यंत पीड़ादायक है। प्रारंभिक रिपोर्टों में लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों के शव अब बरामद कर लिए गए हैं और उनकी पहचान की पुष्टि हो चुकी है। यह हमारे समुद्री समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति है। इस कठिन समय में मोदी सरकार शोकसंतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
अपने ट्वीट में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 'मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचाए गए चालक दल के सदस्यों की तत्काल स्वदेश वापसी सुनिश्चित की जाए तथा दिवंगत नाविकों के पार्थिव शरीरों को अंतिम संस्कार हेतु शीघ्र भारत लाया जाए।'
दो नाविकों की मौत हो गई है-FSUI
एएनआई के साथ बातचीत में यादव ने कहा कि हम जहाज से संपर्क कायम करने में असमर्थ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि 'अभी जो हमारे पास ताजा जानकारी है, उसके मुताबिक दो नाविकों की मौत हो गई है जबकि चीफ इंजीनियर अभी भी लापता हैं।' यादव ने बताया कि हमले का निशाना बने तीनों नागरिक भारत के अलग-अलग राज्यों हिमाचल प्रदेश, देवरिया (उत्तर प्रदेश) और आंध्र प्रदेश से हैं।
'अमेरिका को पता था जहाज पर भारतीय हैं'
यादव ने आगे कहा कि उनका मानना है कि अमेरिकी नौसेना को इस बात की जानकारी थी कि जहाज पर भारत के नागरिक हैं। जहाज यदि उनके निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था तो भारतीयों नागरिकों को हिरासत में लेने का विकल्प था। उन्होंने कहा कि 'मैं इस बात को मानने से इंकार करता हूं कि यूएस को जहाज पर भारतीय नागरिकों के होने की जानकारी नहीं थी। जहाज पर कितने भारतीय और विदेशी नागरिक हैं, इसकी जानकारी यूएस को न हो, मैं यह मान नहीं सकता। जहाज यदि उनके निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था तो उनके पास उन्हें हिरासत में लेने का विकल्प था।'
UNSC में भारत ने जाहिर की चिंता, किया आगाह
ओमान तट पर वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी हमलों और चालक दल के अपने तीन सदस्यों के लापता होने के बाद भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में चिंता जाहिर की है। यूएनएससी को संबोधित करते हुए भारत ने वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने पर आगाह किया और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच जहाजों के मुक्त एवं बाधारहित आवागमन सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया। संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि जहाजों पर हुए हमलों में कई भारतीयों ने अपनी जान गंवाई है जबकि कई अभी भी लापता हैं।
नौवहन- व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा न खड़ी हो-भारत
एक बयान के मुताबिक हरीश ने कहा, 'क्षेत्र के देशों, व्यापारी जहाजों और समुद्री संचार मार्गों पर हुए हमलों के कारण कई भारतीय नागरिकों की जान गई है या वे लापता हैं। इस पृष्ठभूमि में भारत ने एक बार फिर संवाद और कूटनीति पर जोर देते हुए कहा कि नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डाली जानी चाहिए, वाणिज्यिक जहाजों को सैन्य निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, नागरिक आबादी और बुनियादी ढांचे पर हमले नहीं होने चाहिए। संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के प्रयास किए जाने चाहिए। भारत ने मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के उद्देश्य से किए जा रहे सभी प्रयासों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।'
