15 नवंबर को बिरसा मुंडा के जन्मदिन के मौके पर देश भर में जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाएगा। इसका मकसद भारत की विविधता भरे आदिवासी इतिहास का जश्न मनाना है। इस खास दिवस को लेकर बोलते हुए अर्जुन मुंडा ने कहा कि 15 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू झारखंड के खूंटी जिले जाएंगी, जहां वो उलीहाटु गांव में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का माल्यार्पण करेंगी। दूसरी तरफ उपराष्ट्रपति संसद में आदमकद मूर्ति का माल्यार्पण करेंगे। इस दिन देश भर में कश्मीर से कन्याकुमारी और अरुणाचल से लेकर गुजरात तक के हर आदिवासी को इसमें शामिल किया जाएगा।
15 नवंबर को मनाया जाएगा जनजातीय गौरव दिवस (फोटो- pixabay)
उन्होंने कहा कि इस बात का ध्यान रखा गया है कि ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट के जरिए जगह-जगह झांकी, नृत्य का कार्यक्रम का आयोजन हो। भारत सरकार ने राज्य सरकारों, सामाजिक संस्थाओं और मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर इस दिवस को बड़े पैमाने पर आयोजित करने का आग्रह किया है। जनजातीय कलाकारों, युवाओं के लिए अलग-अलग तरह के प्रतिस्पर्धात्मक कार्यक्रम किए जायेंगे। सोशल मीडिया पर इस दिन को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए हैशटैग #JanjatiyaGauravDivas का इस्तेमाल किया जाएगा।
देश भर में लगेंगी साप्ताहिक बाजार
जनजातीय कार्य मंत्रालय के मुताबिक देश के अलग-अलग आदिवासी समुदायों द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भुवनेश्वर, दक्षिण गुवाहाटी, पुडुचेरी, देहरादून, इंदौर में इसके लिए 15 नवंबर तक महोत्सव होंगे।
दुनिया में सबसे ज्यादा जनजातीय भारत में
जनजातीय मामलों के मंत्रालय के मुताबिक भारत में दुनिया भर की सबसे ज्यादा 30 फीसदी एथेनिक पॉपुलेशन रहती है, जिनकी संख्या साढ़े 10 करोड़ भी ज्यादा है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के लिए ये गर्व की बात है कि आदिवासी समुदाय देश के सर्वोच्च पदों पर पहुंचा है। मुंडा ने कहा कि भारत सरकार लगातार सभी सरकारी कार्यालयों में जनजातीय समुदाय के लिए खाली जगहों को भरने की कोशिश कर रही है।
गौरव श्रीवास्तव की रिपोर्ट
