Today Weather Report: आजदी के जश्न पर आज बारिश खलल डाल सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश ने पहले ही तबाही मचा रखी है। इन राज्यों में अब तक दर्जनों लोगों की मौत भी हो चुकी है।
स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली का मौसम
स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी में हल्की बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में सोमवार और मंगलवार को गरज के साथ बेहद हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग कार्यालय ने सोमवार को शहर में बादल छाए रहने का अनुमान जताया है, जबकि अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। विभाग के मुताबिक, सोमवार को एक-दो स्थान पर बहुत हल्की बारिश हो सकती है। विभाग ने मंगलवार को दिल्ली में शाम के समय में बहुत हल्की बारिश या गरज के साथ बूंदाबांदी होने का अनुमान जताया है।
हिमाचल में अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से बारिश और लैंडस्लाइड का दौर जारी है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और 18 अगस्त तक राज्य में बारिश का अनुमान जताया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, 24 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से राज्य को अब तक 7,171 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। चालू मानसून सीजन में राज्य में बादल फटने और भूस्खलन की कम से कम 170 घटनाएं सामने आई हैं और लगभग 9,600 घर आंशिक या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश में बारिश से हुई भारी तबाही के बीच कम से कम 51 लोगों की मौत हो गई। इनमें से 14 लोगों की मौत शिमला में हुईं भूस्खलन की दो घटनाओं में हुई। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर भूस्खलन हुए, जिसके चलते कई मुख्य सड़कें बंद हो गईं और कई घर ढह गए।
उत्तराखंड में बारिश से तबाही
उत्तराखंड में भी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर है और जगह-जगह लैंडस्लाइड होने की खबर है। जिसमें कई लोगों की मौत भी हो गई है। राज्य में सोमवार को भी भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के छह जिलों देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत में सोमवार के लिए बारिश का ‘रेड अलर्ट’ तथा हरिद्वार में ‘आरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
बाकी राज्यों का मौसम
उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और पूर्वोतर के राज्यों में भी कहीं ज्यादा तो कहीं कम बारिश का अनुमान जताया गया है।
