Bengal Chunav 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को शनिवार को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब राज्यसभा सांसद मौसम नूर ने पार्टी को अलविदा कह कांग्रेस में वापसी की।
राज्यसभा सांसद मौसम नूर की कांग्रेस में वापसी (फोटो साभार
: @INCWestBengal)
क्या कुछ बोलीं मौसम नूर?
मौसम नूर का कहना है कि उन्होंने टीएमसी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ रही हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री गनी खान चौधरी के परिवार से ताल्लुक रखने वाली नूर ने कहा, "मैं कांग्रेस पार्टी को धन्यवाद देना चाहती हूं कि उन्होंने मुझे फिर से कांग्रेस में काम करने का मौका दिया। यह मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरा प्रयास करूंगी।" उन्होंने कहा, "बंगाल के लोग, खासकर मालदा के लोग कांग्रेस और उसकी धर्मनिरपेक्षता, विकास और शांति की विचारधारा में विश्वास करत हैं।"
कौन हैं मौसम नूर?
मौसम नूर, जिनका राज्यसभा सांसद के तौर पर कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, उनके आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव में मालदा सीट से उतरने की संभावना जताई जा रही है। 46 वर्षीय मौसम नूर 2009 से 2019 तक कांग्रेस की टिकट पर मालदा से दो बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं।
क्या चुनाव में अकेले उतरेगी कांग्रेस?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मौसम नूर की वापसी पर खुलकर मीडिया के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बंगाल चुनाव से जुड़े सवाल पर कहा कि कोई भी गठंबधन बने... कमजोर कांग्रेस का मतलब कमजोर गठबंधन और मजबूत कांग्रेस का मतलब मजबूत कांग्रेस... हमारा मकसद कांग्रेस को और मजबूत करना है। वक्त और जनता की भी यही मांग है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता की मांग है कि कांग्रेस और सेक्युलर फोर्स और मजबूत हो।
जयराम रमेश ने मौसम नूर का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक मौसम बदल रहा है। रमेश ने कहा, "गनी खान चौधरी जी कांग्रेस पार्टी के महास्तंभ थे। इंदिरा गांधी जी उनका बहुत सम्मान करती थीं। गनी खान चौधरी जी ने कभी कोयला मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली थी। मुझे खुशी है कि मौसम नूर जी की घर वापसी हुई है। "
