अब पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने दिया सभी पदों से इस्तीफा; टूट रही TMC को बचाने के लिए अभिषेक और ममता के पास कौन सा रास्ता?

तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के लंबे समय तक सहयोगी रहे ज्योतिप्रिय मलिक ने पार्टी से किनारा कर लिया है। उन्होंने इसकी वजह स्वास्थ्य कारणों को बताया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में जारी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। 20 सांसदों और 60 से ज्यादा विधायकों के ममता से बगावत करने के बाद अब उनके एक पूर्व मंत्री ने भी पार्टी से किनारा कर लिया है। शुक्रवार को पूर्व मंत्री ज्योति प्रिय मलिक ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफ दे दिया। उन्होंने इसके पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। इसके अलावा, उत्तरी बंगाल में तृणमूल के वरिष्ठ नेता गौतम देब ने सिलीगुड़ी नगर निगम के महापौर पद से त्यागपत्र देते हुए सरकारी गाड़ी व सुरक्षा वापस कर दी है।

टीएमसी छोड़ने वालों में जुड़ा एक और नाम।

टीएमसी छोड़ने वालों में जुड़ा एक और नाम। (फोटो- AI)

तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के लंबे समय तक सहयोगी रहे मलिक ने कहा कि वह अपने इस फैसले की जानकारी पार्टी नेतृत्व को पहले ही दे चुके हैं। मलिक ने कहा, 'मैंने अपनी बहुत खराब सेहत की वजह से तृणमूल के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। पिछले कुछ महीनों में मेरी सेहत बहुत ज़्यादा बिगड़ गई है। मेरे शरीर में शुगर का स्तर असामान्य रूप से बढ़ गया है। इसके साथ ही मैं गुर्दे की गंभीर बीमारी से भी जूझ रहा हूं। ऐसे हालात में, पार्टी की कार्यकारी समिति और दूसरे पदों की ज़िम्मेदारियां निभाना नामुमकिन हो गया है। जब आप काम ही नहीं कर सकते,तो किसी पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं है।’

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