राजीव गांधी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने नलिनी समेत 6 दोषियों को जेल से रिहा करने का आदेश दिया था। उस क्रम में रॉबर्ट पॉयस और जयकुमार को पुझ्झल सेंट्रल जेल से आजादी मिल गई है, इसके साथ ही मुरुगन और संथन को भी वेल्लुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया जाएगा। इन सबके बीच नलिनी श्रीहरन से जब पूछा गया कि क्या वो रिहाई के बाद गांधी परिवार से मिलेंगी तो जवाब ना में था। इसके साथ ही एक और दोषी रहे रविचंद्रन ने कहा कि उत्तर भारत के लोगों को हमें आतंकी या हत्यारे की जगह पीड़ित के तौर पर देखना चाहिए। समय और शक्ति फैसला करता है कि कौन आतंकी और कौन स्वतंत्रता सेनानी है। लेकिन समय हमारा आकलन इस हिसाब से करेगा कि हम निर्दोष थे भले ही आतंकी होने की तोहमत लगी हो। बता दें कि रविचंद्रन की रिहाई मदुरै जेल से हो चुकी हैय़ई है।
राजीव गांधी हत्याकांड में रविचंद्रन को मिली थी सजा
नलिनी श्रीहरन ने क्या कहा
पिछले 32 साल से सजा काट रही नलिनी देश की पहली महिला कैदी रहीं जिन्हें उम्रकैद की सबसे अधिक अवधि की सजा मिली थी। वेल्लुर सेंट्रल जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने कहा कि वो अपने परिवार के साथ रहना चाहती हैं। जब उनसे पूछा गया कि रिहाई के बाद वो भारत में विदेश में रहना चाहेंगी तो इस सवाल के जवाब में कहा कि वो अपने परिवार के साथ रहना चाहती हैं।मेरे परिवार के लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस खास मौके पर वो केंद्र और तमिलनाडु सरकार को धन्यवाद करना चाहती है जिन्होंने रिहाई में मदद की। जब उनसे पूछा गया कि क्या वो गांधी परिवार के किसी सदस्य से मिलना चाहेंगी तो जवाब ना में था। हालांकि उन्होंने कहा कि जहां उनके पति जाएंगे उनके साथ जाऊंगी।
पेरियावलन की रिहाई पहले हुई
नलिनी ने कहा कि दो जजों की बेंच ने जेल में उनते बेहतर रवैये को ध्यान में रखा। वो हमारे केस की तह तक गए और उन्हें समझने में आसानी हुई कि क्या सही और क्या गलत था। हमारे जज सबकुछ जानते थे और न्यायपरक फैसला सुनाया था। बता दें कि 18 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत असाधारण शक्ति का इस्तेमाल करते हुए दोषी पेरियावलन को रिहा किया था और उसी आधार पर शेष कैदियों को भी रिहा करने का आदेश दिया।
